Robbery at Carpet Factory: पानीपत में 12 बदमाशों ने फैक्ट्री में घुसकर की डकैती

पानीपत के सुताना गांव में स्थित एक निर्माणाधीन कारपेट फैक्ट्री में सोमवार की रात 12 से अधिक हथियारबंद बदमाशों ने आतंक मचाया। बदमाशों ने पहले फैक्ट्री की बिजली क
पानीपत के सुताना गांव में स्थित एक निर्माणाधीन कारपेट फैक्ट्री में सोमवार की रात 12 से अधिक हथियारबंद बदमाशों ने आतंक मचाया। बदमाशों ने पहले फैक्ट्री की बिजली काट दी और फिर चौकीदार ओमप्रकाश समेत आठ लोगों को बंधक बना लिया। इस दौरान सभी की पिटाई की गई और उन्हें कमरे में बंद कर दिया गया। बदमाशों ने फैक्ट्री में लूटपाट करते हुए लगभग 20 हजार रुपये की नकदी, आठ मोबाइल फोन, ट्रांसफार्मर की तांबे की क्वाइल, इनवर्टर और सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर चुरा लिया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फैक्ट्री मालिक अनुपम गुप्ता ने बताया कि रात करीब एक बजे बदमाश फैक्ट्री में घुसे और सबसे पहले चौकीदार को काबू किया। इसके बाद उन्होंने अन्य लोगों के साथ भी मारपीट की। चौकीदार ने बताया कि बदमाशों ने उसे धमकी दी कि अगर उसने आवाज निकाली तो उसकी जान ले ली जाएगी। इसके बाद बदमाशों ने ट्रांसफार्मर का स्विच बंद कर दिया ताकि अंधेरे का फायदा उठाकर कोई उन्हें पहचान न सके।
बदमाशों ने करीब दो घंटे तक फैक्ट्री में लूटपाट की और इस दौरान उन्होंने ट्रांसफार्मर से तांबे की क्वाइल निकाल ली। सुबह करीब साढ़े चार बजे चौकीदार किसी तरह बंधन से मुक्त हुआ और उसने फैक्ट्री मालिक और पुलिस को सूचना दी। पीड़ितों ने बताया कि बदमाश उत्तर प्रदेश क्षेत्र की बोली बोल रहे थे। चौकीदार ने कहा कि बदमाशों ने उसे पकड़कर मुंह में पिस्तौल डालकर पूछा कि फैक्ट्री में और कौन-कौन है। जब उसने बताया, तो बदमाशों ने ऊपर सो रहे मजदूरों को भी बंधक बना लिया और उनके साथ भी मारपीट की। बदमाश बार-बार पूछ रहे थे कि क्या फैक्ट्री में रात के समय कोई महिला भी रहती है। जाते-जाते उन्होंने ट्रांसफार्मर से तांबा निकालकर ले जाने के साथ-साथ अन्य सामान भी लूट लिया।
मजदूर आरिफ ने बताया कि रात करीब 12:50 बजे जब वे सो रहे थे, तब बदमाश उनके कमरे में आ गए। उन्होंने आते ही हथियार दिखाकर सभी के हाथ-पैर बांध दिए और कहा कि चुपचाप बैठे रहो। जो भी बोलने की कोशिश करता, उसे डंडों से पीटते थे। मजदूरों ने बताया कि बदमाशों ने उनके मोबाइल भी छीन लिए, जिनमें से अधिकांश बाद में फैक्ट्री के बाहर पड़े मिले, लेकिन तीन मोबाइल अभी तक नहीं मिले हैं। इस घटना के बाद कई मजदूर इतने डर गए कि वे अपने गांव लौट गए और वहीं इलाज करा रहे हैं। जो मजदूर फैक्ट्री में रह गए हैं, उन्होंने मालिक से कह दिया है कि वे अब सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक ही काम करेंगे। यदि ऐसा माहौल बना रहा, तो वे फैक्ट्री छोड़ने के लिए मजबूर हो जाएंगे।


















