Himachal's JBT Rationalization: छात्रों के खाते में आएंगे 16000 रुपये; SMC को मिली शक्तियां

हिमाचल प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता मे
हिमाचल प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में हुई एक समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जेबीटी शिक्षकों का युक्तीकरण किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत, जिन प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या कम है और शिक्षकों की संख्या अधिक है, वहां से अतिरिक्त शिक्षकों को उन स्कूलों में भेजा जाएगा, जहां केवल एक शिक्षक कार्यरत है या जहां पद रिक्त हैं। इसके साथ ही, नई भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी ताकि शिक्षकों की कमी को दूर किया जा सके। यह कदम विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है जहां शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाले कारक मौजूद हैं। शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि राज्य के दूरदराज के हार्ड एवं जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए विशेष प्रस्ताव तैयार किए जाएं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि इन क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता पर कोई असर न पड़े।
बैठक में शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि वर्तमान में 576 शिक्षकों के पद भरने की प्रक्रिया जारी है, जिसमें शारीरिक शिक्षक, टीजीटी आर्ट्स, नान मेडिकल और मेडिकल के पद शामिल हैं। इस निर्णय से न केवल शिक्षकों की कमी को दूर किया जाएगा, बल्कि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा, स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) को यह अधिकार दिया गया है कि वे पांच लाख रुपये तक के सिविल कार्य अपने स्तर पर करवा सकेंगी। इस निर्णय से स्कूलों में फेंसिंग, डंगे लगाने और मरम्मत जैसे कार्य अब लंबित नहीं रहेंगे। बैठक में लोक निर्माण विभाग के माध्यम से लंबित स्कूल निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी निर्माण कार्य समय पर पूरे हों।



















