Bank Fraud Accused Escapes to Hotel: 661 करोड़ के बैंक फ्रॉड का आरोपी अस्पताल से पहुंचा होटल, परिवार से मीटिंग कराने वाले दो पुलिसकर्मी समेत 5 गिरफ्तार

चंडीगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, हरियाणा और चंडीगढ़ में चर्चित आइडीएफसी फर्स्ट बैंक के 661 करोड़ रुपये के फ्रॉड मामले में जेल में बंद विचाराधीन कैदी विक्रम वा
चंडीगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, हरियाणा और चंडीगढ़ में चर्चित आइडीएफसी फर्स्ट बैंक के 661 करोड़ रुपये के फ्रॉड मामले में जेल में बंद विचाराधीन कैदी विक्रम वाधवा को इलाज के बहाने अस्पताल ले जाने के बाद एक होटल में उसके परिवार और अन्य लोगों से मिलवाने का मामला सामने आया है। यह घटना तब हुई जब विक्रम वाधवा ने अपनी तबीयत खराब होने की शिकायत की थी। अदालत से अनुमति मिलने के बाद उसे सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे सीधे जेल न ले जाकर होटल सिटीहार्ट में ले जाकर उसके परिवार से मिलवाया। इस मामले में पुलिस ने दो पुलिसकर्मियों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें विक्रम वाधवा के बेटे करण वाधवा और कुणाल वाधवा भी शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और पूछताछ जारी है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि विक्रम वाधवा को इलाज के लिए ले जाने के बाद, पुलिसकर्मियों ने उसे होटल में काफी देर तक रोके रखा। इस दौरान उसने आराम किया और कई लोगों से मुलाकात की। पुलिस को संदेह है कि इस मुलाकात के दौरान फरार होने की योजना पर भी चर्चा की गई थी। गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मियों में सब-इंस्पेक्टर जगमेहर और एएसआइ सुरिंदर शामिल हैं, जो सेक्टर-26 पुलिस लाइन में तैनात हैं। यह मामला न केवल बैंक फ्रॉड से संबंधित है, बल्कि पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाता है, क्योंकि यह स्पष्ट है कि पुलिसकर्मियों ने अपने कर्तव्यों का उल्लंघन किया है।
















