Court orders removal of AI-generated video: दिल्ली हाई कोर्ट ने सलीम शेरवानी और अतीक अहमद का वीडियो हटाने का दिया आदेश

दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए मेटा को निर्देश दिया है कि वह सपा नेता सलीम इकबाल शेरवानी और गैंगस्टर अतीक अहमद के संबंध में एक एआई जनरेटेड
दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए मेटा को निर्देश दिया है कि वह सपा नेता सलीम इकबाल शेरवानी और गैंगस्टर अतीक अहमद के संबंध में एक एआई जनरेटेड वीडियो को 36 घंटे के भीतर हटा दे। यह वीडियो इलाहाबाद में अतीक अहमद को गैंगस्टर बनने में मदद करने के आरोपों से संबंधित है। अदालत ने इस मामले में जन चौपाल नामक एक पोस्ट और अन्य इंटरनेट मीडिया अकाउंट को भी निर्देश दिया है कि वे इस वीडियो को प्रकाशित करने से रोकें। यह आदेश ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया पर गलत सूचनाओं और फर्जी खबरों का प्रसार तेजी से बढ़ रहा है, जिससे समाज में भ्रम और अस्थिरता उत्पन्न हो रही है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मेटा को इस वीडियो के यूआरएल को तुरंत प्रभाव से हटाना होगा और यह कार्रवाई 36 घंटे के भीतर पूरी करनी होगी।
सलीम शेरवानी, जो उत्तर प्रदेश से पांच बार सांसद रह चुके हैं, ने 1996 से 1997 तक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया और इसके बाद 1998 तक विदेश राज्य मंत्री के पद पर भी रहे। उनके खिलाफ लगे आरोपों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। अदालत का यह आदेश न केवल सलीम शेरवानी की छवि को बचाने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि न्यायालय सोशल मीडिया पर फैली गलत सूचनाओं के खिलाफ कितनी गंभीरता से कार्य कर रहा है। इस मामले में जन चौपाल द्वारा पोस्ट किया गया वीडियो, जो कि एआई द्वारा निर्मित था, को लेकर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है।
















