Delhi Lakshmi Yojana: जिन महिलाओं के हैं तीन बच्चे, नहीं मिलेंगे 2500 रुपये! आप-कांग्रेस ने उठाए सवाल; जानें

दिल्ली सरकार की लक्ष्मी योजना को लेकर राजधानी की राजनीति में हलचल मची हुई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस योजना को महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और चुनावी वादे
दिल्ली सरकार की लक्ष्मी योजना को लेकर राजधानी की राजनीति में हलचल मची हुई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस योजना को महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और चुनावी वादे को पूरा करने वाला कदम बता रही है, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस ने योजना की पात्रता शर्तों पर सवाल उठाते हुए सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। विपक्ष का कहना है कि इस योजना की कड़ी शर्तों के कारण अधिकांश महिलाएं इससे बाहर हो जाएंगी, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को भ्रामक बताते हुए योजना का बचाव किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने तीन से अधिक बच्चों वाली महिलाओं को 2,500 रुपये की सहायता से वंचित करने का निर्णय लिया है, जो कि आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के अनुसार, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान के विपरीत है जिसमें उन्होंने हिंदुओं से अधिक बच्चे पैदा करने की बात कही थी। केजरीवाल ने इस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह सरकार की दोहरी नीति को दर्शाता है।
आप के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने प्रेस वार्ता में योजना की पात्रता शर्तों पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा ने हर महिला को 2,500 रुपये देने का वादा किया था, लेकिन अब ऐसी शर्तें लगा दी गई हैं कि अधिकांश महिलाएं लाभ से बाहर हो जाएंगी। उन्होंने 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को योजना से बाहर रखने, 10 वर्ष का निवास प्रमाण मांगने, छोटे मामलों में भी अपात्र घोषित करने तथा बिजली खपत जैसी शर्तों पर आपत्ति जताई। सौरभ ने यह भी दावा किया कि सरकार 17 लाख महिलाओं को लाभ देने की बात कर रही है, जबकि वास्तविकता में केवल करीब पांच लाख महिलाएं ही पात्र होंगी। उन्होंने इस योजना को 62 लाख महिलाओं के साथ धोखा और भद्दामजाक बताया।
















