Loan Write-Offs: किसानों के कर्ज बट्टे खाते में डाले गए, राज्यसभा में दी जानकारी

नई दिल्ली में वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिसमें बताया गया है कि वित्त वर्ष 2025-26 में किसानों और कृषि से सं
नई दिल्ली में वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिसमें बताया गया है कि वित्त वर्ष 2025-26 में किसानों और कृषि से संबंधित गतिविधियों के कर्जों को बड़े उद्योगों के मुकाबले अधिक बट्टे खाते में डाला गया है। आंकड़ों के अनुसार, उद्योग-सेवा क्षेत्र के लिए 20,485 करोड़ रुपये के कर्ज राइट-ऑफ किए गए, जबकि कृषि क्षेत्र में यह आंकड़ा 31,604 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह पहली बार हुआ है जब कृषि क्षेत्र का राइट-ऑफ बड़े उद्योगों से अधिक रहा है। पिछले पांच वर्षों में यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है, जो किसानों के प्रति बैंकिंग सेक्टर की नीति को दर्शाता है।
पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो सरकारी बैंकों ने उद्योगों एवं सेवाओं के 15,213 करोड़ रुपये के कर्ज राइट-ऑफ किए, जबकि कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों के लिए यह आंकड़ा 19,418 करोड़ रुपये रहा। इसी तरह, निजी क्षेत्र के बैंकों ने उद्योग-सेवा क्षेत्र के 4,345 करोड़ रुपये के कर्ज राइट-ऑफ किए, जबकि कृषि क्षेत्र में यह आंकड़ा 11,778 करोड़ रुपये रहा। यह स्पष्ट है कि पिछले वर्षों में कृषि क्षेत्र के कर्जों का राइट-ऑफ बढ़ा है, जो किसानों के लिए राहत का संकेत है।
















