RTI reveals BMC corruption: भ्रष्टाचार के आरोपी 207 अफसरों में से सिर्फ 27 पर गिरी गाज

मुंबई महानगरपालिका (bmc) के अधिकारियों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर एक rti से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। अधिकार कार्यकर्ता जीतेंद्र घाडगे को मिल
मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अधिकारियों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर एक RTI से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। अधिकार कार्यकर्ता जीतेंद्र घाडगे को मिले RTI जवाब के अनुसार, BMC के 207 अधिकारी एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के मामलों में शामिल हैं। इनमें से 112 अधिकारी अभी भी नौकरी में हैं, जबकि 68 अधिकारी अपने मामलों का अंतिम फैसला आने से पहले ही रिटायर हो चुके हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि भ्रष्टाचार के मामलों के बावजूद केवल 27 अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जिसका मतलब है कि लगभग 87 प्रतिशत अधिकारी या तो सेवा में हैं या रिटायर हो चुके हैं। यह स्थिति भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
RTI से यह भी स्पष्ट हुआ है कि भ्रष्टाचार के कई मामले लंबे समय से लंबित हैं। सबसे पुराने ACB मामले 2005 के हैं, जो दर्शाते हैं कि कुछ मामले 21 साल से अधिक समय से अंतिम नतीजे तक नहीं पहुंच पाए हैं। RTI के अनुसार, BMC के इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े कर्मचारियों की संख्या भ्रष्टाचार के मामलों में सबसे अधिक है। ACB मामलों में 33 सब इंजीनियर, 13 असिस्टेंट इंजीनियर और 13 जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। इसके अलावा, कई एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और वरिष्ठ इंजीनियरिंग अधिकारी भी इन मामलों में शामिल हैं। BMC का इंजीनियरिंग विभाग सड़कों, नालियों, इमारतों और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के सरकारी कॉन्ट्रैक्ट संभालता है।
















