Safety lapse in elderly care: 86 वर्षीय महिला की सुरक्षा में चूक पर चंडीगढ़ के DC-SSP को देना होगा जवाब

चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पंजाब-चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग ने 86 वर्षीय महिला की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। यह महिला लंबे
चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पंजाब-चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग ने 86 वर्षीय महिला की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। यह महिला लंबे समय से बिस्तर पर पड़ी हुई हैं और ऑक्सीजन सपोर्ट पर निर्भर हैं। आयोग ने डीसी और एसएसपी से जवाब तलब किया है कि तीन साल पहले एडीसी द्वारा जारी किए गए सुरक्षा आदेशों का पालन क्यों नहीं किया गया। दिसंबर 2023 में एडीसी ने संबंधित थाने के एसएचओ को निर्देश दिए थे कि महिला की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से पुलिसकर्मियों की नियुक्ति की जाए, जिसमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हों। हालांकि, इस आदेश पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे मामला मानवाधिकार आयोग तक पहुंचा। इसके अलावा, महिला के बेटे द्वारा दो साल पहले नर्सिंग स्टाफ के साथ मारपीट करने की घटना भी हुई थी, जिसकी शिकायत पुलिस में की गई थी, लेकिन उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मानवाधिकार आयोग ने एसएसपी को जवाब देने का निर्देश दिया है और मामले की अगली सुनवाई 14 अगस्त को होगी। आयोग ने संबंधित क्षेत्र के डीएसपी को भी अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा है। आयोग ने यह भी कहा कि 86 वर्षीय संतोष एडवांस इंटरस्टिशियल लंग नामक बीमारी से पीड़ित हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी है। आयोग ने डीसी को निर्देश दिया है कि सुरक्षा आदेश लागू न होने के कारणों पर विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाए। शिकायतकर्ता ने आयोग को बताया कि आठ दिसंबर 2023 को एडीसी ने महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस कर्मियों और महिला काॅन्स्टेबल को भेजने के आदेश दिए थे।
















