18 Years of 'Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah': जेठालाल हुए भावुक, खोले कई राज

'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' भारतीय टेलीविजन का एक ऐसा शो है, जिसने पिछले 18 वर्षों से दर्शकों के दिलों पर राज किया है। इस शो ने न केवल मनोरंजन का एक नया मानक स्
'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' भारतीय टेलीविजन का एक ऐसा शो है, जिसने पिछले 18 वर्षों से दर्शकों के दिलों पर राज किया है। इस शो ने न केवल मनोरंजन का एक नया मानक स्थापित किया है, बल्कि यह एक पीढ़ी के लिए एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। शो के 18वें जन्मदिन के अवसर पर, पूरी कास्ट और मेकर्स ने मिलकर इस खास मौके का जश्न मनाया। इस जश्न में शो के प्रमुख अभिनेता दिलीप जोशी, जो कि जेठालाल का किरदार निभाते हैं, ने अपने अनुभव साझा किए और कुछ दिलचस्प राज खोले। उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें शुरुआत में जेठालाल का किरदार नहीं, बल्कि उनके पिता चंपकलाल का किरदार ऑफर किया गया था।
दिलीप जोशी ने इस मौके पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि जब उन्हें प्रोड्यूसर असित मोदी ने चंपकलाल या जेठालाल में से एक किरदार चुनने का विकल्प दिया, तो उन्होंने चंपकलाल का किरदार निभाने से मना कर दिया। उनका कहना था कि वे उस किरदार के लिए बिल्कुल भी उपयुक्त नहीं थे। उन्होंने यह भी कहा कि वे जेठालाल का रोल भी नहीं चुनना चाहते थे, क्योंकि एक गुजराती मैगजीन में तारक भाई का एक कार्टून छपता था, जिसमें दुबले-पतले और घुंघराले बालों वाले आदमी का स्कैच होता था। दिलीप जोशी ने कहा कि उन्होंने भगवान की कृपा से इस किरदार को निभाने का निर्णय लिया और आज वे इस सफर को देखकर गर्व महसूस करते हैं।
शो के बारे में बात करते हुए दिलीप जोशी ने कहा कि आज भी उन्हें ऐसा नहीं लगता कि वे 18 वर्षों से इस शो का हिस्सा हैं। उनका मानना है कि अगर वे इस बात को सोचते रहेंगे कि वे इतने लंबे समय से काम कर रहे हैं, तो वे आगे नहीं बढ़ पाएंगे। उन्होंने कहा कि हर दिन शूटिंग पर जाने का अनुभव नया लगता है और वे हमेशा कुछ नया करने की कोशिश करते हैं। 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' ने 28 जुलाई 2008 को सब टीवी पर अपनी शुरुआत की थी और तब से लेकर अब तक यह शो दर्शकों के बीच अपनी लोकप्रियता बनाए हुए है। इस शो ने न केवल हास्य का आनंद दिया है, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर भी प्रकाश डाला है, जिससे यह शो और भी खास बन गया है।











