69000 Teacher Recruitment: सरकार ने कहा, पहले से नियुक्त को प्रभावित किए बिना होगा समायोजन

69000 शिक्षक भर्ती के मामले में सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने सोमवार को एक बार फिर अपना चार पेज का शपथपत्र पेश किया है। इस शपथपत्र में
69000 शिक्षक भर्ती के मामले में सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने सोमवार को एक बार फिर अपना चार पेज का शपथपत्र पेश किया है। इस शपथपत्र में 20 जुलाई को दाखिल किए गए शपथपत्र का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि 69000 शिक्षक भर्ती में संशोधित मेरिट सूची में स्थान पाने वाले पात्र अभ्यर्थियों को पहले से नियुक्त शिक्षकों को प्रभावित किए बिना समायोजित किया जा सकेगा। यह समायोजन मौजूदा खाली पदों को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा, बशर्ते संबंधित अभ्यर्थी न्यूनतम निर्धारित योग्यता को पूरा करते हों। इसके साथ ही, राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस मामले में न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने के लिए वह पूरी तरह तैयार है। अगली सुनवाई 28 जुलाई, मंगलवार को होगी।
हालांकि, इस शपथपत्र को लेकर आरक्षण प्रभावित अभ्यर्थियों में नाराजगी देखी जा रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती में आरक्षण प्रभावित याचिकाकर्ताओं को याचिका का लाभ देकर मामले का निस्तारण किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि भर्ती की मूल चयन सूची को सार्वजनिक किया जाए। पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप और प्रदेश प्रवक्ता शिव शंकर ने आरोप लगाया है कि भर्ती में 19000 सीटों पर आरक्षण का घोटाला हुआ है।
पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा की महिला सभा की प्रदेश प्रवक्ता पूनम यादव ने कहा है कि यदि राज्य सरकार इस शिक्षक भर्ती में गलत शिक्षकों को बचाना चाहती है और मूल चयन सूची को सार्वजनिक नहीं करना चाहती, तो उसे सभी आरक्षण प्रभावित याचियों को याचिका का लाभ देकर इस मामले का निस्तारण करना चाहिए। यह मामला राज्य के शिक्षा विभाग के लिए महत्वपूर्ण है और इससे जुड़े सभी पक्षों को न्याय मिलना चाहिए।









