Action Taken on Lucknow-Kanpur Expressway: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे धंसने के मामले में बड़ी कार्रवाई, प्रोजेक्ट मैनेजर समेत 3 अधिकारी ब्लैकलिस्ट

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क के धंसने की घटना के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने कड़ा कदम उठाया है। यह घटना 13 जुलाई को उद्घाटन के 14 दि
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क के धंसने की घटना के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने कड़ा कदम उठाया है। यह घटना 13 जुलाई को उद्घाटन के 14 दिन बाद उन्नाव के कोरारी क्षेत्र में हुई थी, जब सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया। इस मामले में एनएचएआइ ने निर्माण कार्य से जुड़े तीन अधिकारियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इनमें प्रोजेक्ट मैनेजर-सह-डीजीएम (हाइवे) विवेक कुमार गुप्ता, स्वतंत्र इंजीनियर के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेसिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार शामिल हैं। इन सभी को अगले दो वर्षों तक किसी भी परियोजना में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब सड़क की सतह में स्लिपेज की सूचना मिली थी। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें धंसने की स्थिति को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता था।
एनएचएआइ ने बताया कि 26 जुलाई को रूट पेट्रोलिंग के दौरान सड़क की सतह में स्लिपेज का पता चला था। इसके बाद एनएचएआइ और निर्माणकारी संस्था की टीम ने मौके पर पहुंचकर विस्तृत तकनीकी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि पुल के डैक स्लैब के ऊपर पेवमेंट में मामूली स्लिपेज था। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान लगातार यातायात का दबाव, नमी में परिवर्तन और जोड़ों से वर्षा जल का प्रवेश इस प्रकार के स्लिपेज के सामान्य कारण होते हैं। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया कि यह समस्या केवल सड़क की ऊपरी बिटुमिनस परत तक सीमित थी। पुल की नींव और अन्य संरचनाएं पूरी तरह सुरक्षित पाई गईं।
एनएचएआइ अधिकारियों ने बताया कि निर्माणकारी संस्था के साथ नियमित संचालन और रखरखाव समझौते के तहत सुधारात्मक कार्य तुरंत शुरू कर दिए गए थे। प्रभावित क्षेत्र की क्षतिग्रस्त बिटुमिनस परत को हटाकर नई परत बिछाई गई है। इसके अलावा, भविष्य में वर्षा जल के प्रवेश को रोकने के लिए ज्वाइंट्स सीलिंग और स्थानीय जल निकासी व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए गए हैं। वर्तमान में, एक्सप्रेसवे पर यातायात पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित हो रहा है। एनएचएआइ की यह कार्रवाई दर्शाती है कि वे सड़क सुरक्षा को लेकर कितने गंभीर हैं और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।









