Report Card of Agra North Assembly: पॉश कॉलोनियों में विकास, बोदला की बस्तियों में स्थिति खराब

यशपाल चौहान, आगरा। आगरा की उत्तरी विधानसभा क्षेत्र, जिसे भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है, में विकास की गति में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कमला नगर, बल्केश्
यशपाल चौहान, आगरा। आगरा की उत्तरी विधानसभा क्षेत्र, जिसे भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है, में विकास की गति में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कमला नगर, बल्केश्वर, निर्भय नगर और महर्षि पुरम जैसी पॉश कॉलोनियों में विकास की झलक साफ नजर आती है। इन क्षेत्रों में सड़कें, पार्क और अन्य सुविधाएं बेहतर हुई हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में संतोष का भाव है। हालांकि, दलित बहुल्य क्षेत्र बोदला में विकास की स्थिति काफी चिंताजनक है। यहां की गलियों में जलभराव की समस्या ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर जाता है, जिससे लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। सड़कें तो हैं, लेकिन उनमें केवल गिट्टियां ही बची हैं, जबकि गहरे गड्ढे वाहन चालकों के लिए खतरा बने हुए हैं। इन गड्ढों में गिरकर लोग अक्सर चोटिल होते रहते हैं। क्षेत्रीय विधायक ने विकास की बात की है, लेकिन बोदला की बस्तियों में स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
कमला नगर में विकास की तस्वीर कुछ अलग है। यहां के बाजार में विशेष लाइटिंग और हरियाली के साथ-साथ पार्किंग की समस्या को हल करने के लिए प्रयास किए गए हैं। व्यापारी और स्थानीय लोग भाजपा के कार्यों की सराहना करते हैं और सड़क मरम्मत तथा पार्कों के सुधार का श्रेय विधायक को देते हैं। कमला नगर एक्सटेंशन में भी सड़कें ठीक हैं और नालियां साफ हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को राहत मिली है। इस क्षेत्र में विकास के कार्यों की गति तेज है और विधायक की मेहनत के परिणाम भी दिख रहे हैं।
हालांकि, बोदला क्षेत्र में विकास की तस्वीर बहुत ही निराशाजनक है। यहां के लोग बताते हैं कि उन्होंने कई बार क्षेत्रीय पार्षद और विधायक से अपनी समस्याओं के बारे में शिकायत की है, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। तीन साल पहले सीवर लाइन डालने के लिए खोदी गई सड़कों का हाल बहुत बुरा है। नगला बेर और अन्य बस्तियों में भी बदहाली का आलम है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में विकास की गति असमान है, जहां एक ओर पॉश कॉलोनियों में सुविधाएं बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर बोदला की बस्तियों में लोग मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित हैं। यह स्थिति आगामी चुनावों में भाजपा के लिए चुनौती बन सकती है।









