Rain in Agra: आगरा में बारिश ने बढ़ाई मुसीबत, सड़कें बनीं तालाब, डूब गए वाहन, जलमग्न हुआ बाजार

आगरा में हाल ही में हुई बारिश ने शहर की सड़कों और गलियों को तालाब में बदल दिया। पखवाड़े भर बाद आई इस बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी। नगर स्वास्थ्य
आगरा में हाल ही में हुई बारिश ने शहर की सड़कों और गलियों को तालाब में बदल दिया। पखवाड़े भर बाद आई इस बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा द्वारा नालों की सफाई के दावे पूरी तरह से विफल साबित हुए। मंगलवार की दोपहर हुई बारिश के बाद शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। खेरिया मोड़, शमशाबाद रोड, हाईवे, कैलाशपुरी, बिजलीघर, न्यू आगरा, कमला नगर, बल्केश्वर, ट्रांस यमुना जैसे क्षेत्रों में पानी भर जाने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। बारिश की चंद मिनटों में ही शहर का ड्रेनेज सिस्टम ध्वस्त हो गया। नालों की कागजी सफाई का सच एक बार फिर सामने आया। जलभराव के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रामबाग से रूनकता, ग्वालियर रोड से दयालबाग और फतेहाबाद रोड तक कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी रही, जिससे दो पहिया और चार पहिया वाहन फंस गए। साइलेंसर में पानी भर जाने से वाहन बंद हो गए और लोगों को इन्हें धक्का देकर बाहर निकालना पड़ा। ऑटो सवारियों ने भी कई जगह धक्का लगाकर अपने वाहनों को बाहर निकाला। स्कूली बच्चे छुट्टी के समय सड़कों पर भरे नालों के गंदे पानी से होकर निकले। काजीपाड़ा में ऊंची की पाइपलाइन होने के बावजूद जलभराव की समस्या बनी रही। नगर निगम ने इस लाइन को ऊंचा कराने की कोशिश की थी, ताकि कचरा न फंसे और पानी का बहाव बना रहे, लेकिन बारिश में यह प्रयास विफल रहा। काजीपाड़ा और बिजलीघर रेलवे पुल के नीचे जलभराव हो गया, जिससे ऑटो और दो पहिया वाहन फंस गए।
जलभराव की समस्या से निपटने के लिए सांसद राजकुमार चाहर ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए। खेरिया मोड़ स्थित अजीत नगर गेट के सामने एक वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में पानी भरा रहा। यहां तीन साल से पानी निकालने के लिए करोड़ों रुपये की योजनाएं बनीं, लेकिन वे कारगर साबित नहीं हो पाईं। नगर निगम ने एयरफोर्स स्टेशन गेट और चौराहे पर पंप लगाकर पानी निकालने का प्रयास किया। इसके अलावा, खेरिया मोड़, शमशाबाद रोड, कौशलपुर, लखनपुर चौराहा, शास्त्रीपुरम, यूपीएसआईडीसी, प्रकाश नगर, नगला छऊआ, शाहगंज, नरीपुरा जैसे क्षेत्रों में भी पंप लगाए गए। कई स्थानों पर सीवर जेट मशीनें भी लगाई गईं। अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने बताया कि टेढ़ी बगिया और शास्त्रीपुरम में नाला निर्माण और कौशलपुर में मेट्रो निर्माण के कारण जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई। पुरानी मंडी मेट्रो स्टेशन के पास भी पानी निकालने के लिए सीवर जेट मशीन लगाई गई।









