Agra South Assembly Report Card: विकास की चुनौतियों से जूझता क्षेत्र

आगरा दक्षिण विधानसभा सीट का गठन वर्ष 2012 में परिसीमन के बाद हुआ था। इस सीट पर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने लगातार तीन बार जीत हासिल की है।
आगरा दक्षिण विधानसभा सीट का गठन वर्ष 2012 में परिसीमन के बाद हुआ था। इस सीट पर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने लगातार तीन बार जीत हासिल की है। उनकी उपलब्धियों में प्रमुखता से पालड़ा फाल से गंगाजल लाने की योजना और क्षेत्र में जल वितरण की व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए करोड़ों रुपये की योजनाओं का उल्लेख किया जाता है। हालांकि, उनके निर्वाचन क्षेत्र में कुछ मोहल्ले ऐसे हैं जहां अभी भी पीने का पानी नहीं पहुंचा है। चित्रा टाकीज के सामने माहौर बस्ती में गंगाजल की सप्लाई तब शुरू हुई जब यहां पाइपलाइन बिछाई गई। सोरों कटरा क्षेत्र में पानी के प्रेशर की समस्या भी गंभीर बनी हुई है, और गोकुलपुरा क्षेत्र में भी स्थिति कुछ ऐसी ही है।
बोदला-अलबतिया रोड और उससे जुड़े इलाकों में बारिश के दौरान उचित ड्रेनेज व्यवस्था का अभाव जलभराव की समस्या को जन्म देता है। नालों की बाउंड्री तक नहीं होने से पानी सड़कों पर भर जाता है। शाहगंज बाजार में अतिक्रमण और जाम की समस्या यहां से गुजरने वाले लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। पुराने शहर में मार्केट तो हैं, लेकिन सार्वजनिक शौचालयों की कमी के कारण खरीदारी करने आई महिलाओं को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में नक्षत्रशाला का निर्माण, जीआइसी मैदान में मिनी इनडोर स्टेडियम का निर्माण और पचकुइयां से मारुति एस्टेट तक सीएम ग्रिड योजना के तहत मॉडल रोड का काम विकास की कुछ सकारात्मक तस्वीरें पेश करता है।
हालांकि, मिश्रित आबादी वाले नाई की मंडी के डेरा सरस और कटरा हवेली खां में तंग गलियों की समस्या बनी हुई है। यहां सीवर लाइन चोक होने से सीवर उफनने लगते हैं, और गलियों में सकर मशीन नहीं पहुंच पाती हैं। हनाई की मंडी के निवासी अब्दुल वाहिद का कहना है कि सीवर चोक होने पर सफाईकर्मियों को बुलाकर सफाई करानी पड़ती है, जिससे दुर्गंध फैल जाती है। सोरों कटरा में पानी का प्रेशर कम होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पचकुइयां से तहसील होते हुए शाहगंज तक के रोड में जगह-जगह गड्ढे हैं, और रेलवे पुल के नीचे गाड़ी चलाते समय हिचकोले खाने पड़ते हैं। शाहगंज बाजार में अतिक्रमण के कारण जाम की स्थिति हमेशा बनी रहती है। भोगीपुरा चौराहा पर टेंपो खड़े होने से पैदल चलने वालों के लिए निकलना भी मुश्किल हो जाता है। पुल छिंगा मोदी नाले की दीवार न होने से हर समय हादसे का डर बना रहता है। अलबतिया रोड और बालाजीपुरम में ड्रेनेज की उचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश के समय मुख्य मार्ग पर जलभराव हो जाता है। हमीद नगर के निवासी जहीर खान का कहना है कि पानी तो मिल रहा है, लेकिन गलियां और सड़कें बेहद खराब हैं।









