AI's Impact on Housing Scheme: पीएम आवास योजना में चयनित पात्रों के नाम गायब

प्रयागराज से जागरण संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, मंसा देवी, जो अपने पति और बच्चों के साथ एक कोठरी में रह रही हैं, ने वर्षों तक पीएम आवास योजना के तहत अपने नाम
प्रयागराज से जागरण संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, मंसा देवी, जो अपने पति और बच्चों के साथ एक कोठरी में रह रही हैं, ने वर्षों तक पीएम आवास योजना के तहत अपने नाम को पात्रता सूची में शामिल कराने के लिए संघर्ष किया। इस बार जब उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से लैस पीएम आवास योजना (ग्रामीण) की अनंतिम सूची में नाम मिला, तो उन्हें उम्मीद थी कि अब उन्हें एक पक्का घर मिलेगा। लेकिन जब अंतिम सूची जारी हुई, तो उनके नाम के साथ-साथ सरोजा पाल और रवि जैसे अन्य करीब 50 गरीबों के नाम भी गायब थे। यह स्थिति उन लोगों के लिए बेहद निराशाजनक है, जिन्होंने इस योजना से अपने सपनों को पूरा करने की उम्मीद लगाई थी।
पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत लगभग 1.64 लाख आवेदनों में से सत्यापन और रैंडम चेकिंग के बाद एक सूची तैयार की गई थी। यह सूची दो महीने पहले जारी की गई थी, जिसमें करीब 1.03 लाख आवेदकों के नाम शामिल थे। इसके बाद ब्लॉक स्तर पर खुली बैठकें आयोजित की गईं और कर्मचारियों ने डोर-टू-डोर जाकर सत्यापन किया। इसके बाद सभी जानकारी पोर्टल पर अपलोड की गई। लेकिन इस बार पोर्टल पर एआई तकनीक का उपयोग किया गया था, जिसमें एक ऑटो डिलीशन विकल्प भी था। इस तकनीक की गड़बड़ी के कारण कई पात्रों के नाम सूची से गायब हो गए।
प्रयागराज जिले के मुंगारी और भुंडा जैसे क्षेत्रों में इस समस्या की पुष्टि हुई है, जहां लगभग 68 पात्रों के नाम सूची से गायब हो गए हैं। प्रशासन ने जिले के सभी 1540 गांवों में सर्वेक्षण शुरू किया है ताकि उन लोगों की पहचान की जा सके, जिनके नाम पात्र होने के बावजूद सूची से काट दिए गए हैं। इनमें मुसहर, कोल, सपेरा, दिव्यांग, 50 वर्ष से कम आयु की विधवाएं, कुष्ठ रोगी और दैवी आपदा से प्रभावित लोग शामिल हैं। परियोजना निदेशक भूपेंद्र सिंह ने बताया कि सभी गांवों का सर्वेक्षण किया जा रहा है और जो आवेदक मुख्यमंत्री आवास योजना की पात्रता में आएंगे, उन्हें आवास प्रदान किया जाएगा। इस प्रकार, प्रशासन इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति आवास से वंचित न रहे।









