AI Medical Software Gets New Boost: लाइसेंस प्रक्रिया हुई आसान; सरकार ने बदले नियम, किसे मिलेगी राहत?

भारत में मेडिकल सॉफ्टवेयर के उपयोग को सुरक्षित और नियामक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने मेडिकल डिवाइस सॉफ्टवेयर
भारत में मेडिकल सॉफ्टवेयर के उपयोग को सुरक्षित और नियामक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने मेडिकल डिवाइस सॉफ्टवेयर (एमडीएसडब्ल्यू) के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। यह गाइडलाइन 21 जुलाई 2023 से प्रभावी हो गई है। औषधि महानियंत्रक डॉ. राजीव रघुवंशी द्वारा जारी किए गए सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि यह गाइडलाइन मेडिकल डिवाइस नियम-2017 (एमडीआर-2017) के अंतर्गत मेडिकल सॉफ्टवेयर से संबंधित नियमों को स्पष्ट करती है। इसमें सॉफ्टवेयर की विभिन्न श्रेणियों, सुरक्षा मानकों, गुणवत्ता, आवश्यक दस्तावेज और बाजार में आने के बाद उसकी निगरानी के नियमों का उल्लेख किया गया है। कंपनियों और अन्य संबंधित पक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे मंजूरी के लिए आवेदन करते समय इस गाइडलाइन का पालन करें। यह कदम न केवल सॉफ्टवेयर के विकास को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को भी बढ़ावा देगा।
इस नई गाइडलाइन के तहत, मेडिकल सॉफ्टवेयर के लिए सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची भी प्रदान की गई है। इसमें सॉफ्टवेयर के विकास से लेकर उसके उपयोग तक की सभी प्रक्रियाओं का विस्तृत विवरण शामिल है। इसके अलावा, यह गाइडलाइन सॉफ्टवेयर की निगरानी के लिए आवश्यक उपायों को भी स्पष्ट करती है, जिससे बाजार में आने के बाद उसके प्रदर्शन की लगातार जांच की जा सकेगी। इस प्रकार, यह गाइडलाइन न केवल कंपनियों के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करेगी, बल्कि उपभोक्ताओं के लिए भी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।









