Air Quality Improvement Initiative: पांच राज्यों के अधिकारी और विज्ञानी मिलकर सुधारेंगे दिल्ली-NCR की हवा

संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों, जिन्हें सामान्यतः एनसीआर के नाम से जाना जाता है, में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण और स्माग की समस्
संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों, जिन्हें सामान्यतः एनसीआर के नाम से जाना जाता है, में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण और स्माग की समस्या को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने प्रदूषण के असली कारणों और स्थानों की पहचान के लिए एक नई समिति का गठन किया है, जिसे 'मानिटरिंग एंड आइडेंटिफिकेशन' (निगरानी और पहचान) समिति का नाम दिया गया है। यह समिति दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण की समस्या को एक शहर या राज्य के दायरे से बाहर निकालते हुए एक अंतर-राज्यीय चुनौती के रूप में देखती है। पड़ोसी राज्यों से आने वाला धुंआ, वाहनों का उत्सर्जन, औद्योगिक गतिविधियां और मौसमी परिवर्तन मिलकर इस संकट को और बढ़ा देते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए, सीएक्यूएम ने अब कागजी निर्देशों से आगे बढ़ते हुए वैज्ञानिक समाधान और ठोस जमीनी कार्रवाई का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है।
सीएक्यूएम द्वारा जारी किए गए नए आदेश के अनुसार, इस 11-सदस्यीय समिति की अध्यक्षता आयोग के तकनीकी सदस्य डॉ. एस डी अत्री करेंगे, जबकि डॉ. विकास सिंह को सदस्य-संयोजक बनाया गया है। इस समिति में देश के प्रमुख मौसम विज्ञानी और वैज्ञानिक शामिल हैं, जिनमें डॉ. वी. के. सोनी, जो मौसम की सटीक भविष्यवाणी करने में माहिर हैं, और आइआटीएम पुणे के डॉ. सचिन घुड़े शामिल हैं। इसके अलावा, सीएसआइआर-नीरी की डॉ. पद्मा एस. राव भी इस टीम का हिस्सा हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के विशेषज्ञ भी इस समिति में शामिल किए गए हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रदूषण पर राज्यों के बीच आरोप-प्रत्यारोप बंद हो और साझा कार्रवाई की जा सके।









