Alert on Counterfeit Currency Racket: अरनिया में 50 लाख के जाली नोट रैकेट पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

आरएसपुरा के अरनिया क्षेत्र में जाली भारतीय करेंसी के एक बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने की सूचना से सुरक्षा एजेंसियों में चिंता का माहौल है। सेना की सुरक्षा एजेंसी
आरएसपुरा के अरनिया क्षेत्र में जाली भारतीय करेंसी के एक बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने की सूचना से सुरक्षा एजेंसियों में चिंता का माहौल है। सेना की सुरक्षा एजेंसी द्वारा प्राप्त पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर यह मामला सामने आया है। इस नेटवर्क से जुड़े मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के कारण कार्रवाई की गति पर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, सेना के इंटेलिजेंस विंग को यह इनपुट मिला कि अरनिया में जाली नोटों का कारोबार चल रहा है। इसके बाद इस जानकारी को जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ साझा किया गया। अरनिया पुलिस ने इस मामले में विलियम खोखर और रघुवीर नामक दो व्यक्तियों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। पूछताछ के दौरान इन दोनों ने तरसेम और उसके सहयोगियों रवि तथा संजीव के नाम लिए, जो फिलहाल फरार हैं। पुलिस ने बताया कि इन दोनों के पास से कोई जाली नोट या आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई, जिसके कारण उन्हें छोड़ दिया गया। इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच है। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में शामिल दोनों व्यक्तियों और फरार संदिग्धों की CDR में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। इनका संपर्क श्रीनगर, कश्मीर के अन्य क्षेत्रों, दिल्ली, बिहार और अन्य राज्यों तक रहा है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि ये संपर्क सामान्य थे या जाली करेंसी नेटवर्क से जुड़े हुए थे। इसके अलावा, विजयपुर कनेक्शन भी सामने आया है, जिसमें बताया गया है कि जाली करेंसी से जुड़े उपकरणों के लिए इस्तेमाल होने वाली मशीन विजयपुर निवासी डेविड नामक व्यक्ति से लाई गई थी। इस व्यक्ति की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने हाल ही में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर मामले को गंभीरता से लेने और प्रभावी कार्रवाई करने का आग्रह किया है। इसके बावजूद, मुख्य आरोपी तरसेम, रवि और संजीव की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा एजेंसी से मिले इनपुट पर कार्रवाई की गई थी, लेकिन बरामदगी न होने के कारण दोनों को छोड़ दिया गया। जांच जारी है और एजेंसियों का मानना है कि मुख्य आरोपी तरसेम की गिरफ्तारी के बाद ही इस पूरे नेटवर्क की असली परतें खुलेंगी।









