Allegations Against PU Administration: पीएचडी स्कॉलर ज्योति के परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

चंडीगढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीएचडी स्कॉलर ज्योति की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में उसके परिजनों ने पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन पर गंभीर आ
चंडीगढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीएचडी स्कॉलर ज्योति की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में उसके परिजनों ने पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार की रात कुलपति कार्यालय में हुई बैठक के बाद ज्योति के परिवार ने प्रशासन पर गुमराह करने का आरोप लगाया। परिवार का कहना है कि उन्हें एफआईआर की कॉपी की आवश्यकता है, लेकिन प्रशासन ने अब तक इसे उपलब्ध नहीं कराया है। इस मामले में ज्योति के मामा ने स्पष्ट रूप से कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उन्हें सही जानकारी नहीं दी जा रही है, जिससे परिवार में निराशा और आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि परिवार ने ज्योति के भाई के लिए स्थायी नौकरी और करोड़ों रुपये के मुआवजे की मांग की है। इसके अलावा, परिवार ने यह भी कहा कि उन्हें उचित न्याय की आवश्यकता है और प्रशासन को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
ज्योति के परिजनों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें बताया है कि नियमों के अनुसार 10 लाख रुपये से अधिक मुआवजे का प्रावधान नहीं है। इसके साथ ही, ज्योति के भाई को उसकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर केवल डीसी रेट पर नौकरी देने की बात कही गई है। यह जानकारी सुनकर परिवार के सदस्य बेहद निराश हैं और उनका कहना है कि यह उचित नहीं है। परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें न्याय मिले और उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाए। इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है, जिससे परिजनों में और भी निराशा बढ़ गई है।
इस घटना ने न केवल ज्योति के परिवार को प्रभावित किया है, बल्कि पूरे विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों में भी असंतोष फैलाया है। कई छात्रों ने इस मामले में प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई है और न्याय की मांग की है। विश्वविद्यालय प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले को गंभीरता से ले और परिवार की मांगों पर विचार करे। छात्रों का कहना है कि उन्हें इस तरह की घटनाओं के खिलाफ खड़ा होना चाहिए और प्रशासन को जवाबदेह ठहराना चाहिए। इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।









