Allegations of Fraud in Animal Shed Construction Payments: गढ़वा में पशु शेड निर्माण की सामग्री भुगतान में फर्जीवाड़े का आरोप

गढ़वा के मझिआंव प्रखंड की ग्राम पंचायत सोनपुरवा में वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान स्वीकृत 51 पशु शेड के निर्माण में उपयोग की गई सामग्री के भुगतान को लेकर एक बड़
गढ़वा के मझिआंव प्रखंड की ग्राम पंचायत सोनपुरवा में वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान स्वीकृत 51 पशु शेड के निर्माण में उपयोग की गई सामग्री के भुगतान को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में सामग्री आपूर्ति करने वाले आछोडीह निवासी आनंद कुमार दुबे ने आरोप लगाया है कि उन्हें बकाया भुगतान नहीं किया गया है, जिसके चलते उन्होंने झारखंड उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। आनंद कुमार दुबे ने उपायुक्त गढ़वा को एक आवेदन देकर हाईकोर्ट के आदेश आने तक संबंधित पशु शेडों का भुगतान रोकने की गुहार भी लगाई है। उन्होंने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि तत्कालीन मुखिया और पंचायत सचिव के लिखित निर्देश पर उन्होंने स्वयं सामग्री की आपूर्ति की थी। जब वेंडर द्वारा सामग्री नहीं दी गई, तो उन्होंने अपने स्तर से सामान उपलब्ध कराया।
आनंद कुमार दुबे ने इस मामले की शिकायत बीडीओ, डीडीसी और उपायुक्त से की थी। जांच टीम के गठन के बाद चार पशु शेड के लाभुकों ने लिखित में पुष्टि की कि सामान वास्तव में आनंद दुबे द्वारा ही उपलब्ध कराया गया था। हालांकि, आरोप लगाया गया है कि कुछ अधिकारियों ने फर्जीवाड़ा करते हुए आवेदन देकर बताया कि वेंडर ने सामान दिया है, जबकि वास्तविकता यह है कि पूर्व मुखिया और आनंद दुबे ने मिलकर सामग्री का कार्य किया था। लेकिन वेंडर का नाम बदलकर या उसी वेंडर के नाम पर गलत तरीके से भुगतान कर दिया गया, जिससे असली आपूर्ति करने वाले को राशि नहीं मिली।
इस मामले में हाल ही में पंचायत सचिव, रोजगार सेवक और जेई द्वारा लाभुकों से जबरन लिखवाने का प्रयास भी किया गया, जिसका आडियो क्लिप अधिकारियों को उपलब्ध कराया गया है। पीड़ित आनंद कुमार दुबे ने चेतावनी दी है कि यदि उच्च न्यायालय के अंतिम निर्णय के बिना या गलत वेंडर को भुगतान किया जाता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि उप विकास आयुक्त, बीडीओ मझिआंव, मुखिया, पंचायत सचिव और मनरेगा बीपीओ को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी है। इस मामले में आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।









