Amarnath Yatra Bus Accident: मकान ने बचाई 39 श्रद्धालुओं की जान, सिंध नदी में गिरने से बचे लोग

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। अमरनाथ यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं की बस मंगलवार को गांदरबल जिले के हरिगनिवान में एक भीषण हादसे का शिकार हो गई। यह घटना उस समय हुई जब ब
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। अमरनाथ यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं की बस मंगलवार को गांदरबल जिले के हरिगनिवान में एक भीषण हादसे का शिकार हो गई। यह घटना उस समय हुई जब बस तीखे मोड़ पर अनियंत्रित होकर सड़क से फिसल गई और एक मकान से टकरा गई। इस टकराव के कारण बस सिंध नदी में गिरने से बच गई, जिससे 39 श्रद्धालुओं की जान सुरक्षित रही। हालांकि, इस हादसे में सभी 39 श्रद्धालु घायल हो गए हैं। घायलों में 22 श्रद्धालु राजस्थान के निवासी हैं, जबकि अन्य मध्य प्रदेश के हैं। सभी घायलों को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (स्किम्स), सौरा में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, सभी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
हादसे की सूचना मिलते ही उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इटू मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों का हालचाल लिया और चिकित्सकों से उपचार की जानकारी प्राप्त की। तीनों नेताओं ने निर्देश दिया कि किसी भी श्रद्धालु के इलाज में कोई कमी न रहे। प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया कि सभी श्रद्धालुओं को स्वस्थ होने के बाद उनके गृह राज्यों तक सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। पुलिस के अनुसार, अमरनाथ यात्रा से लौट रही बस (एआर-11डी-5655) गांदरबल के गुंड क्षेत्र में हरिगनिवान के खतरनाक एस-मोड़ पर चालक का नियंत्रण खो बैठी। यदि मकान बीच में नहीं आता, तो बस गहरी खाई में गिरकर एक बड़ा हादसा कर सकती थी।
दुर्घटना के तुरंत बाद, स्थानीय लोग सबसे पहले मौके पर पहुंचे और उन्होंने बस में फंसे श्रद्धालुओं को बाहर निकाला। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को कंगन उप-जिला अस्पताल पहुंचाया गया। गुंड पुलिस, आईटीबीपी, सीआरपीएफ की 118वीं बटालियन, 2 असम राइफल्स, 21 राष्ट्रीय राइफल्स और यात्रा पुलिस ने मिलकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। अस्पताल में कई श्रद्धालुओं को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं, लेकिन किसी की हालत गंभीर नहीं है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी स्वास्थ्य विभाग को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि हरिगनिवान का यह एल-आकार का मोड़ लंबे समय से दुर्घटनाओं के लिए बदनाम है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि दुर्घटनाग्रस्त बस अजमेर की एक ट्रैवल कंपनी की थी, जिसे मंदसौर की मां भगवती यात्रा कंपनी के एजेंट ने अमरनाथ यात्रा के लिए किराए पर लिया था।









