Amroha News: शिवालयों के मार्ग पर कीचड़ और पानी, भक्तों को होगी परेशानी

अमरोहा जिले में सावन माह का आगाज 30 जुलाई से होने जा रहा है, लेकिन इस अवसर पर श्रद्धालुओं को कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जिले के प्रमुख शिवालयों तक
अमरोहा जिले में सावन माह का आगाज 30 जुलाई से होने जा रहा है, लेकिन इस अवसर पर श्रद्धालुओं को कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जिले के प्रमुख शिवालयों तक पहुंचने वाले रास्ते कीचड़, जलभराव और गड्ढों से भरे हुए हैं। हरिद्वार और ब्रजघाट से गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़ियों को इन खराब रास्तों के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। शहर के प्राचीन वासुदेव मंदिर के मुख्य मार्ग पर कीचड़ और गंदगी फैली हुई है, जिससे भक्तों को काफी दिक्कत हो रही है। इसके अलावा, अमरोहा-नौगावां सादात मार्ग पर भी सड़क किनारे पानी जमा है, जो यात्रा को और भी मुश्किल बना रहा है। डिडौली के साठा भूड़ शिव मंदिर और कैलसा क्षेत्र के नन्हेड़ा अलयारपुर-भीकनपुर मार्ग की स्थिति भी बेहद खराब है। बरसात के कारण इन मार्गों की हालत और भी बिगड़ गई है, जिससे कांवड़ियों के लिए यात्रा करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
इस समय, जब श्रद्धालु सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव की आराधना के लिए कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं, तब उन्हें इन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अमरोहा में बारिश के कारण सड़कें और भी खराब हो गई हैं, जिससे भक्तों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। श्रद्धालुओं का कहना है कि अगर प्रशासन ने समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो उन्हें यात्रा के दौरान कई परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। भक्तों ने प्रशासन से अपील की है कि वे जल्द से जल्द इन मार्गों की मरम्मत करें ताकि कांवड़ यात्रा सुगम हो सके।
अमरोहा के शिवालयों तक पहुंचने वाले मार्गों की स्थिति को देखते हुए यह स्पष्ट है कि श्रद्धालुओं को इस बार सावन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। कांवड़ियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने इन समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो उन्हें यात्रा के दौरान कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि वे जल्द से जल्द इन मार्गों की मरम्मत करें ताकि कांवड़ यात्रा सुगम हो सके। इस प्रकार, सावन माह की शुरुआत से पहले प्रशासन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।









