AMU launches free online courses: एएमयू ने दिया घर बैठे पढ़ाई करने का मौका, 48 फ्री ऑनलाइन कोर्सेज; एडमिशन प्रोसेस शुरू

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) ने डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जुलाई-दिसंबर 2026 सत्र के लिए भारत सरकार के स्वयं पोर्टल पर 48 मुफ्त ऑनलाइन पाठ्यक्र
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) ने डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जुलाई-दिसंबर 2026 सत्र के लिए भारत सरकार के स्वयं पोर्टल पर 48 मुफ्त ऑनलाइन पाठ्यक्रमों की शुरुआत की है। यह पहल विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों और अन्य इच्छुक लोगों के लिए निःशुल्क नामांकन का अवसर प्रदान करती है। प्रवेश प्रक्रिया स्वयं पोर्टल पर आरंभ हो चुकी है, जिससे देशभर के विद्यार्थी लाभ उठा सकते हैं। एएमयू के रजिस्ट्रार और स्वयं पाठ्यक्रमों के समन्वयक प्रो. आसिम जफर ने बताया कि यह पहल डिजिटल भारत अभियान और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप की गई है। इनमें 19 नए और 29 पुनः संचालित पाठ्यक्रम शामिल हैं, जो विभिन्न विषयों में ज्ञानवर्धन के लिए तैयार किए गए हैं।
इन पाठ्यक्रमों में व्यवसाय प्रबंधन, वाणिज्य, कंप्यूटर विज्ञान, डेटा साइंस, पर्यावरण अध्ययन, अर्थशास्त्र, शिक्षा, अंग्रेजी, हिंदी, विधि, राजनीति विज्ञान, जनस्वास्थ्य, समाजशास्त्र, महिला अध्ययन, वनस्पति विज्ञान, जंतु विज्ञान और शारीरिक शिक्षा जैसे विषय शामिल हैं। अधिकांश पाठ्यक्रमों की अवधि आठ से 12 सप्ताह है, जिसमें विद्यार्थियों को विभिन्न आधुनिक विषयों पर ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। पाठ्यक्रमों में रणनीतिक प्रबंधन, डिजिटल मार्केटिंग, पाइथन के माध्यम से डेटा साइंस, आपदा जोखिम प्रबंधन, पर्यावरण शिक्षा, आणविक जीवविज्ञान, जनस्वास्थ्य, डिजिटल मानविकी, अंतरराष्ट्रीय संबंध, उद्यमिता, वित्तीय प्रबंधन, विषविज्ञान और महिला उद्यमिता जैसे विषयों का समावेश किया गया है।
विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी पाठ्यक्रमों में नामांकन निःशुल्क रहेगा, लेकिन प्रमाणपत्र या शैक्षणिक अंक प्राप्त करने के लिए स्वयं पोर्टल और विश्वविद्यालय की निर्धारित औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। एएमयू की कुलपति प्रो. नईमा खातून ने विद्यार्थियों और शिक्षकों से इन पाठ्यक्रमों का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य देश के हर शिक्षार्थी तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक ज्ञान पहुंचाना है। ये पाठ्यक्रम विद्यार्थियों और पेशेवरों की बदलती शैक्षणिक एवं व्यावसायिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से पंजीकरण कर अपने ज्ञान और कौशल को बढ़ाने का आह्वान किया है।









