Arrest of Former TMC Councillor's Son: रियल एस्टेट कारोबारी से 34 लाख रुपये वसूलने का आरोप, पूर्व TMC पार्षद का बेटा गिरफ्तार

कोलकाता पुलिस ने वसूली और भ्रष्टाचार के एक गंभीर मामले में पूर्व तृणमूल कांग्रेस के पार्षद बिजनलाल मुखर्जी के बेटे सम्राट मुखर्जी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधि
कोलकाता पुलिस ने वसूली और भ्रष्टाचार के एक गंभीर मामले में पूर्व तृणमूल कांग्रेस के पार्षद बिजनलाल मुखर्जी के बेटे सम्राट मुखर्जी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सम्राट मुखर्जी पर आरोप है कि उसने एक रियल एस्टेट कारोबारी को धमकाकर लगभग 34 लाख रुपये वसूल किए। यह मामला तब सामने आया जब दक्षिण कोलकाता के कासबा इलाके में एक रियल एस्टेट कारोबारी ने 18 जुलाई को सम्राट के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया है कि सम्राट ने उसे धमकी देकर पैसे लिए, जिससे कारोबारी की स्थिति गंभीर हो गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तुरंत जांच शुरू की और सम्राट मुखर्जी के खिलाफ कार्रवाई की।
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान सम्राट मुखर्जी के खिलाफ एक और शिकायत भी दर्ज की गई। कई दिनों तक चलने वाली जांच के बाद, कसबा थाने की पुलिस ने सोमवार को सम्राट को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ वसूली, धमकी देने और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही, मामले में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया है। राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस संबंध में जीरो टालरेंस की नीति अपनाने की बात कही है।
पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस और पूर्व तृणमूल नेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की है, जो वसूली, छेड़छाड़, धमकी और डराने-धमकाने जैसे मामलों में शामिल पाए गए हैं। यह कार्रवाई राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ एक सख्त संदेश भेजने के लिए की गई है। पुलिस का कहना है कि वे इस प्रकार के मामलों में सख्ती से निपटेंगे और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले ने राज्य में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है और यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त रुख अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।









