Arrest of Maoist Misir Besra: एक करोड़ के इनामी माओवादी की गिरफ्तारी से कोल्हान-सारंडा पुलिस ने ली राहत की सांस

जमशेदपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी और माओवादी संगठन के शीर्ष पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा को गिरिडीह से गिरफ्तार किया ग
जमशेदपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी और माओवादी संगठन के शीर्ष पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा को गिरिडीह से गिरफ्तार किया गया है। इस गिरफ्तारी के बाद कोल्हान और सारंडा पुलिस ने राहत की सांस ली है। मिसिर बेसरा लंबे समय से पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम सिंहभूम और सरायकेला पुलिस के लिए एक बड़ा सिरदर्द बना हुआ था। वह सारंडा और कोल्हान के घने जंगलों को अपना अभेद्य किला मानता था, जहां उसने अपने माओवादी अभियानों की रणनीति तैयार की थी। सुरक्षाबलों और सीआरपीएफ के लगातार दबाव के कारण उसे अपनी सुरक्षित मांद छोड़कर गिरिडीह के इलाके में भागना पड़ा, जहां अंततः उसे पकड़ लिया गया।
मिसिर बेसरा का नेटवर्क कोल्हान और सारंडा के घने जंगलों में फैला हुआ था, जहां उसने अपने दस्ते के लिए पक्के बंकर बना रखे थे। इसके अलावा, उसने पूरे क्षेत्र में भारी मात्रा में आईईडी और बारूदी सुरंगों का जाल बिछा रखा था, ताकि सुरक्षाबलों को रोक सके। पिछले तीन वर्षों में चाईबासा पुलिस और कोबरा बटालियन ने बेसरा को पकड़ने के लिए कई बड़े सर्च ऑपरेशन चलाए, लेकिन हर बार वह अपनी गुरिल्ला रणनीति का उपयोग करके बच निकलने में सफल रहा।
हाल के दिनों में चाईबासा पुलिस के ऑपरेशन क्लीन ने उसके कोर जोन को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था, जिससे राशन की सप्लाई चेन टूट गई और उसके करीबी कमांडरों में से कई मारे गए या आत्मसमर्पण कर दिए। इस हड़बड़ाहट में बेसरा कोल्हान छोड़ने पर मजबूर हुआ, जो अंततः गिरिडीह में उसकी गिरफ्तारी का मुख्य कारण बना। इस गिरफ्तारी से न केवल पुलिस बल को राहत मिली है, बल्कि यह माओवादी गतिविधियों पर भी एक बड़ा अंकुश लगाने में सहायक सिद्ध होगी।









