Land Seized from Mafia: अतीक अहमद के कब्जे से मुक्त जमीन पर बनेगा गरीबों का आवास

प्रयागराज से मिली जानकारी के अनुसार, माफिया अतीक अहमद द्वारा अवैध रूप से कब्जा की गई सरकारी भूमि को अब कुर्क किया जाएगा। हाल ही में, अतीक अहमद, उसकी पत्नी शाइस्
प्रयागराज से मिली जानकारी के अनुसार, माफिया अतीक अहमद द्वारा अवैध रूप से कब्जा की गई सरकारी भूमि को अब कुर्क किया जाएगा। हाल ही में, अतीक अहमद, उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन, भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ, उस्मान अहमद और अफरोज अहमद की लगभग 345 करोड़ रुपये की 34 संपत्तियों को जब्त किया गया है। इन संपत्तियों की निगरानी के लिए दो आइएएस, चार पीसीएस और एआइजी स्टांप को नियुक्त किया गया है। इनमें से कुछ संपत्तियों को पहले ही कुर्क किया गया था, जबकि अधिकांश की कुर्की अब तक नहीं हो सकी थी। यह कदम प्रशासन द्वारा माफिया के खिलाफ उठाए गए सख्त कदमों का हिस्सा है।
झूंसी के हवेलिया में अतीक के पिता और भाई उस्मान तथा अफरोज के नाम पर 123.48 करोड़ रुपये के दो भूखंड जब्त किए गए हैं। इसके अलावा, सदर तहसील के रहिमाबाद, अकबरपुर मिर्जापुर और शाहा उर्फ पीपलगांव में 76 करोड़ रुपये की संपत्ति अतीक और उसकी पत्नी के नाम पर जब्त की गई है। लखनऊ में भी अतीक के नाम पर कई संपत्तियाँ जब्त की गई हैं, जिनमें भैसोरा में 30.60 करोड़ रुपये का भूखंड और शेरवानी नगर, फैजुल्लागंज में आठ करोड़ रुपये का प्लॉट शामिल है। इसके साथ ही, विजयंत नगर में चार करोड़ रुपये की संपत्ति पर भी जब्तीकरण की कार्रवाई की गई है।
कौशांबी में चायल के रसूलाबाद उर्फ कोईलहा में अतीक के नाम की 24 करोड़ रुपये की जमीन भी जब्त की जा चुकी है। प्रयागराज में लगभग 300 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। इन संपत्तियों की निगरानी के लिए डीएम के निर्देश पर एक निगरानी कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें पीडीए उपाध्यक्ष, नगर आयुक्त, एडीएम सिटी, एडीएम वित्त एवं राजस्व, मुख्य राजस्व अधिकारी, एसडीएम सदर और एआइजी स्टांप शामिल हैं। इन संपत्तियों की रजिस्ट्री को प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य इन संपत्तियों को जनोपयोगी बनाना है, ताकि गरीबों के लिए आवासीय योजना विकसित की जा सके। इसके साथ ही, स्वास्थ्य केंद्र और स्कूल-कालेज का निर्माण भी किया जाएगा। जिला प्रशासन अगले हफ्ते से इस संबंध में सर्वेक्षण शुरू करेगा, ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि किस स्थान पर क्या निर्माण किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी निर्देश दिए हैं कि माफिया के कब्जे से मुक्त हुईं संपत्तियों का उपयोग जनोपयोगी कार्यों के लिए किया जाए।









