Badrinath Offering Theft Case: बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामले में मुख्य आरोपित नौटियाल की कस्टडी रिमांड

गोपेश्वर (चमोली) से संवाद सहयोगी की रिपोर्ट के अनुसार, न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योतिर्मठ की अदालत ने बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के मामले में मुख्य आरोपित प्रमोद नौ
गोपेश्वर (चमोली) से संवाद सहयोगी की रिपोर्ट के अनुसार, न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योतिर्मठ की अदालत ने बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के मामले में मुख्य आरोपित प्रमोद नौटियाल की रिमांड एसआइटी को सौंप दी है। यह रिमांड 30 जुलाई तक प्रभावी रहेगी, जिसके दौरान एसआइटी नौटियाल से गहन पूछताछ करेगी। वर्तमान में, नौटियाल चमोली की पुरसाड़ी जेल में बंद है। एसआइटी ने अदालत में यह तर्क रखा कि नौटियाल के बयान से महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है, जो मामले की गुत्थी सुलझाने में मददगार साबित हो सकती है। गौरतलब है कि 12 जुलाई को नौटियाल की गिरफ्तारी के बाद से एसआइटी ने उसे रिमांड पर लेने के लिए तीन बार अदालत का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन हर बार उसे असफलता का सामना करना पड़ा।
सोमवार को एसआइटी ने न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में नए तथ्यों के साथ रिमांड के लिए आवेदन दिया। एसआइटी ने अदालत को बताया कि हाल ही में जेल में नौटियाल के बयान लिए गए थे, जिसमें उसने स्वीकार किया कि वह चढ़ावे के दौरान 500-500 रुपये के नोटों के बंडल और आभूषण ले जाने में शामिल था। इसके अलावा, उसने यह भी कहा कि वह बरामदगी में मदद कर सकता है। इस जानकारी के आलोक में, एसआइटी ने अदालत से अनुरोध किया कि नौटियाल से गहन पूछताछ करना अत्यंत आवश्यक है। हालांकि, बचाव पक्ष ने नौटियाल को रिमांड पर देने का विरोध किया, लेकिन अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद रिमांड देने का आदेश पारित कर दिया।
चढ़ावा चोरी मामले में अब तक प्रमोद नौटियाल के अलावा सेवानिवृत्त मंदिर अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। इसके साथ ही, अन्य कई अधिकारी और कर्मचारी भी एसआइटी के रडार पर हैं। इस मामले में एसआइटी की कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि वह मामले की गहराई तक जाने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगी। इस तरह की घटनाओं से धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और चढ़ावे के प्रबंधन पर सवाल उठते हैं, जिससे यह आवश्यक हो जाता है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए।









