Baghat Bank Case: बघाट बैंक के सबसे बड़े डिफाल्टर को भेजा 30 दिन के लिए जेल, 11.89 करोड़ है लोन

बघाट बैंक में ऋण न चुकाने के मामले में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है। सहायक पंजीयक की अदालत ने बैंक के सबसे बड़े डिफाल्टर को ऋण की अदायगी न करने के कारण 30 दि
बघाट बैंक में ऋण न चुकाने के मामले में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है। सहायक पंजीयक की अदालत ने बैंक के सबसे बड़े डिफाल्टर को ऋण की अदायगी न करने के कारण 30 दिन के लिए जेल की सजा सुनाई है। यह मामला 11.89 करोड़ रुपये के बकाया ऋण से संबंधित है। डिफाल्टर को मंगलवार सुबह सोलन के देहूंघाट से गिरफ्तार किया गया था। उसे दोपहर में अदालत में पेश किया गया, जहां उसने ऋण की राशि चुकाने में आनाकानी की। अदालत ने उसे कुछ राशि चुकाने का आदेश दिया, लेकिन जब शाम 4:30 बजे तक उसने कोई राशि नहीं चुकाई, तो अदालत ने उसे 30 दिन के लिए जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया। यह डिफाल्टर करीब 12 साल पहले बैंक से शराब उद्योग स्थापित करने के लिए ऋण लिया था, लेकिन उसने अब तक इसकी किस्तें नहीं चुकाई हैं। बैंक ने कई बार उसे नोटिस भेजे, लेकिन उसने न तो ऋण चुकाया और न ही बैंक प्रबंधकों को आश्वस्त किया। इस स्थिति के कारण मामला अदालत में लाया गया और आरोपी को जेल भेज दिया गया।
इसके अलावा, एक अन्य डिफाल्टर का दो लाख रुपये का चेक भी बाउंस हो गया है। आरोपी ने पिछले सप्ताह गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत में दो लाख रुपये का चेक पेश किया था, लेकिन जब बैंक ने चेक को लगाया तो वह बाउंस हो गया। इस डिफाल्टर पर करीब 17 लाख रुपये का ऋण बकाया है। हालांकि, उसने दावा किया है कि उसने एक लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से जमा कर दिए हैं और बाकी की राशि बुधवार तक जमा करने की बात कही है ताकि उसकी गिरफ्तारी न हो सके। यह स्थिति बघाट बैंक के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि बैंक ने ऋण डिफाल्टरों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।









