Bank Loan Default: मंडी कोर्ट ने संपत्ति का कब्जा लेने का आदेश दिया

जागरण संवाददाता, मंडी। मंडी की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने एयू स्माल फाइनेंस बैंक की याचिका को स्वीकार करते हुए उन देनदारों की संपत्ति का कब्जा लेने का आद
जागरण संवाददाता, मंडी। मंडी की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने एयू स्माल फाइनेंस बैंक की याचिका को स्वीकार करते हुए उन देनदारों की संपत्ति का कब्जा लेने का आदेश दिया है, जिन्होंने ऋण चुकाने में विफलता दिखाई है। अदालत ने इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए अधिवक्ता अभिषेक लखनपाल को रिसीवर नियुक्त किया है। इस मामले में प्रतिवादी दलीप सिंह, सावित्री और गोपाल सिंह, जो कि गांव हाट, कुल्लू के निवासी हैं, ने बैंक से वित्तीय सहायता प्राप्त की थी। इसके लिए उन्होंने तहसील सदर (जिला मंडी) के मुहाल धन्यारी स्थित अपनी संपत्ति को बैंक के पास गिरवी रखा था। यह संपत्ति खेवट/खतौनी नं. 39/42, खसरा नं. 547, 551, 553, 559, 564, 618 के अंतर्गत आती है। जब ऋण की अदायगी नहीं की गई, तो बैंक ने 9 दिसंबर 2025 को इस खाते को गैर-निष्पादित संपत्ति (एनपीए) घोषित कर दिया। उस समय तक देनदारों पर 20,26,276 रुपये की बकाया राशि थी।
बैंक ने धारा 13(2) के तहत 60 दिनों का नोटिस जारी किया, लेकिन जब कोई भी भुगतान या आपत्ति दर्ज नहीं की गई, तो बैंक ने सरफेसी अधिनियम की धारा 14 के तहत अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने इस मामले में रिसीवर को निर्देश दिए हैं कि वह एक महीने के भीतर देनदारों को अग्रिम नोटिस देकर, पुलिस सहायता और महिला कांस्टेबल की मौजूदगी में संपत्ति का भौतिक कब्जा लें। यह आदेश उन सभी देनदारों के लिए एक चेतावनी है, जो समय पर अपने ऋण का भुगतान नहीं कर रहे हैं। अदालत का यह कदम वित्तीय संस्थानों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए महत्वपूर्ण है और यह सुनिश्चित करता है कि ऋण चुकाने में विफलता के मामलों में उचित कार्रवाई की जाए।









