Bankipur By-Poll: करोड़ों का टैक्स बाहर... फिर बिहार की बात क्यों? ऋतुराज सिन्हा ने PK पर दागे तीखे सवाल

राज्य ब्यूरो, पटना। भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने सोमवार को बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत क
राज्य ब्यूरो, पटना। भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने सोमवार को बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रशांत किशोर की कार्यप्रणाली और बिहार के प्रति उनके राजनीतिक दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो व्यक्ति खुद को बिहार का हितैषी, नीति-निर्माता और माटी का लाल बताता है, उसका आर्थिक योगदान बिहार के बजाय दूसरे राज्यों में है। ऋतुराज सिन्हा ने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर की कंपनियों का करोड़ों रुपये का टैक्स उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में जमा होता है। उन्होंने कहा कि वित्तीय लाभ दूसरे राज्यों को पहुंचाने वाले लोग राजनीतिक लाभ के लिए चुनाव के समय बिहार की बात करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बिहार के खजाने में उनका योगदान नहीं है तो उन्हें राज्य के विकास, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर बोलने का नैतिक अधिकार कैसे है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर केवल राजनीतिक प्रयोग करने और समाज में भ्रम फैलाने के उद्देश्य से बिहार में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब जागरूक हो चुकी है और वह ऐसे राजनीतिक दावों को समझने लगी है। उनके अनुसार, जनता को अब विकास और वास्तविक मुद्दों के आधार पर फैसला लेना है। ऋतुराज सिन्हा ने प्रशांत किशोर को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि उन्हें बिहार की जनता को गुमराह करना बंद करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि प्रशांत किशोर सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करें कि उनका वित्तीय और व्यापारिक जुड़ाव उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से क्यों है। भाजपा नेता ने कहा कि बिहार की राजनीति में सक्रिय होने से पहले उन्हें अपने आर्थिक योगदान और कारोबारी गतिविधियों को लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इस प्रकार, ऋतुराज सिन्हा ने प्रशांत किशोर की राजनीतिक गतिविधियों पर सवाल उठाते हुए यह स्पष्ट किया कि बिहार की जनता अब ऐसे दावों को समझने में सक्षम हो चुकी है और वह अपने विकास के लिए सही दिशा में सोचने लगी है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के विकास में योगदान देने वाले लोगों को ही राज्य के मुद्दों पर बोलने का अधिकार होना चाहिए। इस संदर्भ में, भाजपा नेता ने प्रशांत किशोर से यह अपेक्षा की कि वे अपने कार्यों और दावों के प्रति ईमानदार रहें।









