Bar Violations in Jamshedpur: बिष्टुपुर में नियमों की धज्जियां उड़ाते बार और पब

जमशेदपुर के बिष्टुपुर क्षेत्र में डीडी बार के बाहर 27 जून को हुए जानलेवा हमले के बाद भी स्थानीय बार और पब संचालक कोई सबक लेने को तैयार नहीं हैं। इस खौफनाक घटना
जमशेदपुर के बिष्टुपुर क्षेत्र में डीडी बार के बाहर 27 जून को हुए जानलेवा हमले के बाद भी स्थानीय बार और पब संचालक कोई सबक लेने को तैयार नहीं हैं। इस खौफनाक घटना में हिमांशु सिंह की जान चली गई थी, जबकि उनके साथी प्रत्युष अब भी जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। इस मामले में भाजपा नेता नीरज सिंह और मुख्य आरोपित विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा समेत 16 आरोपित फिलहाल जेल में हैं। घटना के बाद राज्य पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर पूरे झारखंड में बार और पब के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई थी। इस दौरान बिष्टुपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी आलोक दुबे समेत कई पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था। हालांकि, एक महीने के भीतर ही बार और पब संचालकों ने नियमों की धज्जियां उड़ाना शुरू कर दिया है।
डीडी बार से महज 300 मीटर की दूरी पर स्थित एक अन्य बार में रात 1:30 बजे तक पार्टियों का आयोजन किया जा रहा है, जबकि निर्धारित समय रात 11:30 बजे के बाद बार बंद होना चाहिए। वहां न केवल शराब और बीयर परोसी जा रही है, बल्कि तेज संगीत के बीच देर रात तक पार्टियां भी चल रही हैं। आसपास के निवासियों को इस हो-हल्ले से परेशानी हो रही है, लेकिन प्रभावशाली बार मालिक के डर से कोई भी सामने आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। इन पार्टियों के वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर धड़ल्ले से अपलोड किए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को आकर्षित कर मुनाफा कमाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किस प्रशासनिक संरक्षण में यह सब चल रहा है? बिष्टुपुर पुलिस की गश्ती गाड़ी हर रात इस बार के सामने से गुजरती है, फिर भी उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगती। डीडी बार कांड में भी पुलिस की मौजूदगी के दौरान ही चाकूबाजी हुई थी, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। धालभूम अनुमंडल अधिकारी अर्णव मिश्रा ने बताया कि बार के पास केवल शराब बिक्री का सामान्य लाइसेंस होता है। यदि वहां कोई विशेष पार्टी या बड़ी संख्या में लोगों का जमावड़ा हो रहा है, तो अनुमंडल पदाधिकारी और फायर सेफ्टी विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना अनिवार्य है। नियमों के अनुसार, कोई भी बार रात 11:30 बजे के बाद खुला नहीं रह सकता। बिना अनुमति ऐसा करना पूरी तरह गैरकानूनी है और इस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।









