Recruitment of 14,000 Constables in Bengal: दुर्गापूजा से पहले पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पुलिस व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया क
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पुलिस व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि दुर्गापूजा से पहले राज्य में 14 हजार कांस्टेबलों की भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में पुलिसकर्मियों की संख्या राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। भारत में प्रति एक लाख आबादी पर औसतन 155 पुलिसकर्मी हैं, जबकि बंगाल में यह संख्या केवल 106 है। उत्तर प्रदेश में यह संख्या लगभग 200 है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बंगाल को अपनी पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश के मॉडल से प्रेरणा ली जाएगी।
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि वर्तमान में राज्य पुलिस में लगभग 47 हजार पद खाली हैं। आने वाले कुछ वर्षों में पुलिस विभाग में एक लाख नई नियुक्तियों का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि 14 हजार कांस्टेबल पहले ही प्रशिक्षण पूरा कर चुके थे, लेकिन ओबीसी आरक्षण से संबंधित विवाद के कारण उनकी नियुक्ति में देरी हुई थी। अब जब यह मामला सुलझ चुका है, तो इन कांस्टेबलों की भर्ती दुर्गापूजा से पहले पूरी करने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा, पुलिस के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, सीसीटीवी और बॉडी कैमरा तकनीक लगाने की योजना भी है। कंट्रोल रूम को भी आधुनिक बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने पुलिस वाहनों के आधुनिकीकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कई पुलिस वाहन 15 वर्ष से अधिक पुराने हो चुके हैं और कई वाहनों के कागजात का नवीनीकरण भी नहीं हुआ है। ऐसे पुराने वाहनों को हटाकर नए और आधुनिक वाहनों की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही, पुलिस आवासों की स्थिति को सुधारने और उन्हें रहने योग्य बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने राज्य में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की तर्ज पर एक नई जांच एजेंसी सीआईए के गठन की भी बात कही, जिससे पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। यह सभी कदम राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और नागरिकों के प्रति पुलिस की जवाबदेही को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।









