Violence during Bihar Bandh: भागलपुर में 95 लाख की सरकारी संपत्ति को नुकसान

भागलपुर में बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने गंभीर आरोप लगाए हैं। तिलकामांझी चौक पर हुई इस घटना में उपद्रवियों ने पूरी तैयारी के साथ प्रदर्शन
भागलपुर में बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने गंभीर आरोप लगाए हैं। तिलकामांझी चौक पर हुई इस घटना में उपद्रवियों ने पूरी तैयारी के साथ प्रदर्शन किया। पुलिस की प्राथमिकी के अनुसार, प्रदर्शनकारी अपने बैग और झोले में ईंट-पत्थर भरकर लाए थे, जिनका इस्तेमाल उन्होंने पुलिस बल और दंडाधिकारियों पर जानलेवा हमले के लिए किया। इस हिंसा में सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है, जिसमें कई महत्वपूर्ण अभिलेखों को फाड़कर फेंक दिया गया। पुलिस ने इस मामले में 49 लोगों को नामजद किया है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। इसके अलावा, 400-500 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।
प्राथमिकी में बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कनीय अभियंता गिरीन्द्र कुमार के बयान पर विभिन्न आरोप लगाए गए हैं, जिनमें गैरकानूनी मजमा बनाना, लोक सेवक पर जानलेवा हमला करना, सरकारी कार्य में बाधा डालना और लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित मार्ग को बदलकर अनुमंडल कार्यालय और रजिस्ट्री कार्यालय के बैनर-पोस्टर फाड़ते हुए सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इस दौरान आम लोगों का आवागमन भी बाधित हुआ। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक हटाने का प्रयास किया, लेकिन वे उग्र हो गए और पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंकने लगे। इस हमले में कई पुलिसकर्मी और आम नागरिक घायल हुए हैं।
उपद्रव के कारण घंटों तक यातायात बाधित रहा, जिससे कई स्कूल बसें और एंबुलेंस जाम में फंसी रहीं। पुलिस ने बताया कि उपद्रवियों ने पांच सरकारी पुलिस वाहनों और उनमें लगे आधुनिक उपकरणों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया, जिनकी कुल कीमत 95 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा, एक निजी वाहन को भी नुकसान पहुंचाया गया है। पुलिस ने ड्रोन, सीसीटीवी, वीडियो फुटेज और स्थानीय लोगों की सूचना के आधार पर आरोपितों की पहचान की है। प्राथमिकी में कई लोगों के नाम शामिल हैं, जिनमें सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदर्शनकारियों को उकसाने का आरोप भी लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि उपद्रव में शामिल कई लोग छात्र प्रतीत नहीं हो रहे थे और शेष आरोपितों की पहचान कर उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।









