Bihar Administrative Reshuffle: सीनियर IAS दिवेश सेहरा अब दिल्ली में संभालेंगे अहम जिम्मेदारी

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार प्रशासन में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। 2005 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दिवेश सेहरा को अब बिहार सरकार की सेवा से हटाकर केंद
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार प्रशासन में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। 2005 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दिवेश सेहरा को अब बिहार सरकार की सेवा से हटाकर केंद्र सरकार में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है, जहां वे वित्त मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यभार संभालेंगे। यह बदलाव बिहार प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है, क्योंकि दिवेश सेहरा ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है और उनके अनुभव का लाभ केंद्र सरकार को मिलेगा। गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब दिवेश सेहरा बिहार सरकार की सेवा से विरमित हो चुके हैं और उनकी नई भूमिका केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय में शुरू होगी।
दिवेश सेहरा का प्रशासनिक अनुभव काफी समृद्ध है। उन्होंने बिहार में कई महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारी निभाई है, जिसमें खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग और खेल विभाग शामिल हैं। खेल विभाग के सचिव के रूप में कार्य करने के बाद उन्हें खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का सचिव बनाया गया था। अब केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के कारण उनकी भूमिका बिहार सरकार में समाप्त हो गई है। उनकी नई जिम्मेदारी वित्त मंत्रालय में महत्वपूर्ण प्रशासनिक और नीतिगत मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की होगी। यह पद केंद्र में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है और इससे दिवेश सेहरा को मंत्रालय के महत्वपूर्ण कार्यों और नीतिगत प्रक्रियाओं से जुड़े दायित्वों को संभालने का अवसर मिलेगा।
दिवेश सेहरा की नियुक्ति को बिहार कैडर के एक वरिष्ठ अधिकारी के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले अधिकारियों को आमतौर पर केंद्र सरकार के मंत्रालयों में महत्वपूर्ण प्रशासनिक और नीतिगत जिम्मेदारियां दी जाती हैं। दिवेश सेहरा का अनुभव और उनकी कार्यशैली उन्हें इस नई भूमिका में सफल बनाने में मदद करेगी। बिहार प्रशासन में उनके लंबे अनुभव के बाद, अब उनकी नई पारी केंद्र में शुरू होगी, जिससे न केवल उन्हें बल्कि बिहार के लिए भी नई संभावनाएं खुलेंगी। उनकी नियुक्ति से यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार बिहार के प्रशासनिक अधिकारियों की क्षमताओं को पहचान रही है और उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल कर रही है।









