Bihar Bandh Violence: बीडीओ दृष्टि पाठक की आंख बचाने को 4 घंटे चली सर्जरी, रितेश ICU में भर्ती

पटना में बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा के चलते घायल अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों का इलाज जारी है। छपरा सदर की प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) दृष्टि पाठक की सोमव
पटना में बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा के चलते घायल अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों का इलाज जारी है। छपरा सदर की प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) दृष्टि पाठक की सोमवार को आईजीआईएमएस में आंख की जटिल सर्जरी की गई। इस सर्जरी में डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा के नेतृत्व में पांच नेत्र विशेषज्ञों की टीम ने करीब चार घंटे तक काम किया। दृष्टि पाठक की बायीं आंख को पत्थर के टुकड़े लगने से गंभीर क्षति पहुंची थी, जिसके कारण उन्हें तत्काल सर्जरी की आवश्यकता पड़ी। अस्पताल पहुंचने पर उनकी रक्त शर्करा का स्तर 300 से अधिक पाया गया, जिसे पहले नियंत्रित किया गया और फिर ऑपरेशन किया गया। सर्जरी के बाद उन्हें नेत्र रोग विभाग के इमरजेंसी आईसीयू में रखा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि ऑपरेशन सफल रहा है और उनकी आंख को बचाने में सफलता मिली है। फिलहाल, दृष्टि पाठक को इंसुलिन पर रखा गया है और वरिष्ठ चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
वहीं, रिविलगंज के बीडीओ रितेश कुमार का इलाज मेदांता अस्पताल के आईसीयू में चल रहा है। अस्पताल के निदेशक डॉ. रविशंकर सिंह ने बताया कि रितेश कुमार को सिर में गंभीर चोट आई थी, जिसके कारण उनकी ब्रेन सर्जरी करनी पड़ी। मस्तिष्क के पास की हड्डी टूटने से उनकी स्थिति गंभीर हो गई थी, लेकिन ऑपरेशन के बाद उनकी हालत में सुधार देखा जा रहा है। रितेश अब बातचीत कर रहे हैं और उन्हें एहतियातन आईसीयू में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है।
अस्पताल में भर्ती अन्य घायलों में मोहम्मद आरिफ, आकाश कुमार सहित तीन लोग शामिल हैं, जिनका भी इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, सभी की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। बिहार बंद के दौरान हुई इस हिंसा ने प्रशासन को चिंतित कर दिया है और इस घटना की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। राज्य सरकार ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस घटना ने न केवल प्रशासनिक तंत्र को चुनौती दी है, बल्कि समाज में भी एक गंभीर सवाल खड़ा किया है कि क्या इस तरह की हिंसा को सहन किया जा सकता है।









