Bihar Bandh Violence: बिहार बंद के दौरान उपद्रव मामले में 35 नामजद, 3000 अज्ञात पर केस; 15 गिरफ्तार

सीतामढ़ी जिले में नीट पेपर लीक के विरोध में शनिवार को आयोजित बिहार बंद के दौरान हुए उपद्रव, तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में पुलिस ने रविवार को डुमरा थाना में 35
सीतामढ़ी जिले में नीट पेपर लीक के विरोध में शनिवार को आयोजित बिहार बंद के दौरान हुए उपद्रव, तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में पुलिस ने रविवार को डुमरा थाना में 35 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। इसके साथ ही करीब 3000 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर 15 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में बथनाहा थाना क्षेत्र के खैरवी निवासी गौरव कुमार और गौतम कुमार शामिल हैं। इसके अलावा, गाढ़ा थाना क्षेत्र के धनखी निवासी प्रशांत प्रियदर्शी, रीगा थाना क्षेत्र के हरिहरपुर निवासी सर्वेश कुमार और पुपरी थाना क्षेत्र के आवापुर निवासी मोहम्मद ऐहतेशाम भी पुलिस के शिकंजे में आए हैं। इस प्रकार की गिरफ्तारी में जिले के अन्य थाना क्षेत्रों के आरोपित भी शामिल हैं, जिनमें पुनौरा थाना क्षेत्र के मधुबन निवासी मोहम्मद अमानत और मेहसौल थाना क्षेत्र के राजोपट्टी निवासी आकीब अली तथा मोहम्मद अब्दुल्ला अंसारी का नाम उल्लेखनीय है। इसके अतिरिक्त, डुमरा थाना क्षेत्र के विश्वनाथपुर टोला के मनीष कुमार और सुहई निवासी नितेश कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। सीतामढ़ी थाना क्षेत्र के मोहनपुर निवासी अमन कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। इन गिरफ्तारियों के क्रम में कुछ अन्य नाम भी सामने आए हैं, जिनमें बेला थाना क्षेत्र के धनहा तिवारी टोला निवासी विकास कुमार और सन्नी कुमार शामिल हैं। इसके अलावा, बैरगनिया के मूल निवासी और वर्तमान में नाहर चौक (मन्नत हॉस्पिटल के समीप) रहने वाले रोहित कुमार तथा पुनौरा थाना क्षेत्र के रामपुर परोरी गांव निवासी रुदल महतो के पुत्र दिवाकर कुमार को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में डुमरा थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि शनिवार को छात्रों के प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन के दौरान शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला दंडाधिकारी के आदेश पर उनकी प्रतिनियुक्ति शंकर चौक पर की गई थी। प्रदर्शन के दौरान छात्रों का एक बड़ा जत्था शंकर चौक से समाहरणालय की ओर बढ़ा, जहां बड़ी संख्या में उपद्रवी भी शामिल हो गए। प्राथमिकी के अनुसार, समाहरणालय परिसर के समीप करीब 3000 लोगों की भीड़ ने उग्र प्रदर्शन करते हुए सरकारी एवं सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। समाहरणालय के बाहर लगे सरकारी योजनाओं के बैरिकेड, होर्डिंग, ट्रैफिक पुलिस द्वारा लगाए गए पोस्टर और नगर निगम द्वारा रखे गए डस्टबिन समेत अन्य सामान को तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया, और कुछ स्थानों पर आगजनी भी की गई।









