Bihar BDO Success: बीपीएससी क्रैक कर BDO बनीं समस्तीपुर की सुचिता

खानपुर (समस्तीपुर) से संवाद सहयोगी की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार लोक सेवा आयोग (bpsc) की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर bdo बनीं सुचिता का ससुराल में भव्य स्वागत कि
खानपुर (समस्तीपुर) से संवाद सहयोगी की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर BDO बनीं सुचिता का ससुराल में भव्य स्वागत किया गया। सोमवार को जब सुचिता रेबड़ा पंचायत पहुंचीं, तो ग्रामीणों ने उन्हें फूल-माला और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने सुचिता को सम्मानित करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए फलदार पौधा भी भेंट किया। उनकी इस उपलब्धि से खानपुर और रेबड़ा पंचायत क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना। सुचिता कुमारी रेबड़ा पंचायत निवासी विष्णुदेव सहनी की बहू और इंजीनियर सुनील कुमार साहनी की पत्नी हैं। ग्रामीणों ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि सुचिता की यह सफलता क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
सम्मान समारोह का उद्घाटन पूर्व विधायक अशोक कुमार मुन्ना और जदयू जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया। पूर्व विधायक ने कहा कि ग्रामीण परिवेश से प्रशासनिक सेवा में पहुंचना पूरे समाज के लिए गर्व की बात है। इस कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष नीलम साहनी, जिला परिषद सदस्य स्वर्णिमा सिंह और बीस सूत्री अध्यक्ष रामनारायण सिंह भी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने सुचिता के संघर्ष और सफलता की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सुचिता ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, गुरुजनों और समाज के सहयोग व आशीर्वाद को दिया। उन्होंने कहा कि BDO के रूप में उनकी प्राथमिकता समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना होगा।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. लाल बाबू ने किया जबकि डॉ. संजय कुमार ने स्वागत गीत एवं सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इस अवसर पर प्रो. हरि प्रसाद राय, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक संत कुमार सहनी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सुचिता की सफलता ने न केवल उनके परिवार को गर्वित किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में एक नई उम्मीद और प्रेरणा का संचार किया है। उनकी मेहनत और लगन ने यह साबित कर दिया है कि कठिनाइयों का सामना कर भी सफलता प्राप्त की जा सकती है। इस तरह की उपलब्धियां समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करती हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनती हैं।









