Bihar government initiates process to withdraw 64 cases: छात्रों पर दर्ज 64 केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू

पटना से मिली जानकारी के अनुसार, बिहार सरकार ने हाल ही में नीट छात्र आंदोलन के दौरान राज्य भर में दर्ज 64 प्राथमिकी को वापस लेने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के
पटना से मिली जानकारी के अनुसार, बिहार सरकार ने हाल ही में नीट छात्र आंदोलन के दौरान राज्य भर में दर्ज 64 प्राथमिकी को वापस लेने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के बाद, गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की रिहाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। राज्य के महाधिवक्ता एसडी संजय ने सभी जिलाधिकारियों और लोक अभियोजकों को इस संबंध में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सभी जिला पदाधिकारी अपने स्तर से संबंधित अधिकारियों को आवश्यक आदेश जारी करें ताकि सरकार के फैसले का शीघ्र अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके। इसके साथ ही, इस प्रक्रिया की रिपोर्ट भी सरकार और महाधिवक्ता कार्यालय को भेजी जाएगी।
महाधिवक्ता कार्यालय की ओर से प्रदर्शनकारियों पर दर्ज 64 मुकदमों की जिलावार सूची भी जारी की गई है। इस सूची के अनुसार, राज्य के 19 जिलों में दर्ज 64 आपराधिक मामलों को वापस लिया जाएगा। इनमें सबसे अधिक 27 कांड पटना में दर्ज हैं, इसके बाद सारण और सिवान में छह-छह केस वापस लिए जाएंगे। सीतामढ़ी में चार, गोपालगंज में तीन, और बेगूसराय एवं कटिहार में दो-दो केस वापस होंगे। इसके अलावा किशनगंज, लखीसराय, औरंगाबाद, भागलपुर, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, वैशाली, नालंदा, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, दरभंगा और मुंगेर में भी एक-एक केस वापस लिया जाएगा।
गृह विभाग ने सोमवार को यह घोषणा की है कि 26 जुलाई 2026 की शाम छह बजे तक आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी, परिवाद और कारण बताओ नोटिस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही, गिरफ्तार और निरुद्ध लोगों को भी शीघ्र रिहा किया जाएगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आंदोलन में नामित लोगों के खिलाफ भविष्य में कोई प्रत्यक्ष या परोक्ष कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस निर्णय से छात्रों और उनके परिवारों में खुशी की लहर है, क्योंकि यह उनके लिए एक बड़ी राहत के रूप में सामने आया है।









