Nutritional Scheme Changes in Bihar: आंगनबाड़ी केंद्रों में न्यूट्री खिचड़ी, पुलाव और फोर्टिफाइड दलिया का वितरण

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार सरकार ने राज्य के सभी 38 जिलों में स्थित 1,15,064 आंगनबाड़ी केंद्रों में पूरक पोषाहार योजना के तहत खाद्य सामग्री के वितरण में महत्वपूर
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार सरकार ने राज्य के सभी 38 जिलों में स्थित 1,15,064 आंगनबाड़ी केंद्रों में पूरक पोषाहार योजना के तहत खाद्य सामग्री के वितरण में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब इन केंद्रों पर रेडी टू कुक और रेडी टू ईट प्रीमिक्स सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। यह निर्णय विशेष रूप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के पोषण को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सरकार ने बिहार स्टेट मिल्क कोआपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड के माध्यम से खाद्य सामग्री के नामांकन के आधार पर उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी है। इस योजना का लाभ विशेष रूप से छह माह से तीन साल के बच्चों, गंभीर रूप से अल्प वजन वाले बच्चों और अतिकुपोषित बच्चों को मिलेगा।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार समाज कल्याण विभाग ने पूरक पोषाहार के अंतर्गत टेक होम राशन में सूखा राशन के स्थान पर रेडी टू कुक और रेडी टू ईट प्रीमिक्स सामग्री उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया है। इस योजना के तहत न्यूट्री राईस खिचड़ी प्रीमिक्स, न्यूट्री पुलाव, फोर्टिफाइड मूंग दाल-चावल खिचड़ी, मल्टीमिक्स अनाज और प्रोटीन प्रीमिक्स, फोर्टिफाइड नमकीन दलिया जैसी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। यह सभी खाद्य सामग्री बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को बेहतर बनाने के लिए तैयार की गई है।
समाज कल्याण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि रेडी टू कुक और रेडी टू ईट प्रीमिक्स सामग्री पूर्व तैयार खाद्य मिश्रण हैं, जिन्हें न्यूनतम समय में भोजन तैयार करने के लिए डिजाइन किया गया है। रेडी टू कुक सामग्री में सभी आवश्यक सूखे मसाले, पिसे हुए अनाज या दाल और सूखी सब्जियां शामिल होती हैं, जिन्हें पकाने या सेंकने की आवश्यकता होती है। वहीं, रेडी टू ईट खाद्य सामग्री पूरी तरह से पकी होती है, जिसे केवल गर्म करने या सीधे खाने की जरूरत होती है। इन सामग्रियों में फोर्टिफाइड चावल, गेहूं, बाजरा, रागी और ज्वार जैसे अनाज के साथ-साथ प्रोटीन और आवश्यक विटामिन-खनिज प्रीमिक्स का उपयोग किया जाता है। इस योजना के माध्यम से सरकार का उद्देश्य बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर को सुधारना है, जिससे वे स्वस्थ और मजबूत बन सकें।









