Bihar Panchayat Bhawan Construction Halted: भूमि विवाद के कारण 100 से अधिक पंचायत भवनों का निर्माण रद

मुजफ्फरपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिहार में 100 से अधिक चिह्नित स्थलों पर पंचायत सरकार भवनों का निर्माण अब नहीं होगा। पंचायती राज विभाग ने भूमि विवाद, अत
मुजफ्फरपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिहार में 100 से अधिक चिह्नित स्थलों पर पंचायत सरकार भवनों का निर्माण अब नहीं होगा। पंचायती राज विभाग ने भूमि विवाद, अतिक्रमण और अन्य तकनीकी बाधाओं के कारण इन प्रस्तावों को रद कर दिया है। इस निर्णय के बाद संबंधित जिलों में नए सिरे से उपयुक्त भूमि की तलाश की जाएगी। विभाग के विशेष सचिव ने सभी जिलों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। मुजफ्फरपुर के मोतीपुर प्रखंड के ठिकहां में प्रस्तावित पंचायत सरकार भवन भी रद किए गए स्थलों में शामिल है। विभाग का कहना है कि ठिकहां में निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध नहीं है, इसलिए वहां वैकल्पिक स्थल चिह्नित कर निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
इसके अलावा, मुजफ्फरपुर के अलावा सारण, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, वैशाली, पटना पश्चिम, पटना सिटी (गुलजारबाग), लखीसराय, सासाराम समेत कई जिलों के प्रस्ताव निरस्त किए गए हैं। इन सभी मामलों में भवन प्रमंडल की ओर से विभाग को विस्तृत रिपोर्ट भेजी गई थी, जिसमें प्रत्येक स्थल पर निर्माण में आ रही बाधाओं का उल्लेख किया गया है। विभाग के अनुसार, कई स्थानों पर भूमि विवाद, अतिक्रमण और जलजमाव जैसी समस्याएं सामने आई हैं। कुछ जगहों पर भूखंड की चौड़ाई निर्धारित मानक से कम है, जबकि कई स्थानों पर पहुंच पथ (एप्रोच रोड) उपलब्ध नहीं है।
इसके अलावा, एनओसी नहीं मिलना, 20 फीट गड्ढा होना, रैयती खेसरा की भूमि, जमाबंदी विवाद और दान की जमीन से जुड़े विवाद भी निर्माण में बाधा बने हैं। पंचायती राज विभाग का मानना है कि स्थल चयन के दौरान विभागीय मानकों का पालन नहीं किया गया। कई स्थानों पर बिना भौतिक निरीक्षण किए ही प्रस्ताव तैयार कर भेज दिए गए। विभागीय निर्देश में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि स्थल का भौतिक सत्यापन करने के बाद ही प्रस्ताव भेजा जाए। प्रखंड स्तर पर हुई लापरवाही के कारण अब विभाग को दोबारा जमीन चिह्नित करनी पड़ेगी। नए सिरे से भूमि चयन और स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी होने में समय लगेगा, जिसका सीधा असर पंचायत सरकार भवनों के निर्माण पर पड़ेगा और कई परियोजनाओं में देरी होना तय माना जा रहा है।









