Paper Leak in Bihar: डॉ. मनीष की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप

बिहार में पेपर लीक माफिया के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है। बिहार लोक सेवा आयोग (bpsc) शिक्षक बहाली पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (eou) ने डॉ. मन
बिहार में पेपर लीक माफिया के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) शिक्षक बहाली पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने डॉ. मनीष कुमार को गिरफ्तार किया है। डॉ. मनीष को प्रश्नपत्र के सीलबंद बक्से को बिना नुकसान पहुंचाए खोलने और फिर से सील करने का विशेषज्ञ माना जाता है। उनकी गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि पेपर लीक के खिलाफ कार्रवाई में सरकार कितनी गंभीर है। डॉ. मनीष पर आरोप है कि उन्होंने अपने नेटवर्क के माध्यम से 30 अभ्यर्थियों से लगभग 1.20 करोड़ रुपये वसूले। वह पहले एक सरकारी डॉक्टर थे, लेकिन नौकरी छोड़कर पटना में NEET-PG की तैयारी कर रहे थे। EOU के सूत्रों के अनुसार, डॉ. मनीष अपने सहयोगियों डॉ. शिव और डॉ. शुभम के साथ मिलकर पेपर लीक गिरोह का संचालन कर रहे थे। उनकी गिरफ्तारी पेपर लीक के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
डॉ. मनीष और उनके गिरोह पर आरोप है कि उन्होंने TRE पेपर लीक कांड में 15 मार्च 2024 की परीक्षा से पहले पटना के एक होटल में 30 अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था। 14 मार्च 2024 को स्थानीय पुलिस ने कोहिनूर होटल में छापेमारी की थी, लेकिन डॉ. मनीष वहां से भागने में सफल रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि डॉ. मनीष संजीव मुखिया के बेटे डॉ. शिव का करीबी दोस्त है। यह संबंध उनके गिरोह के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। EOU को PMCH और NMCH छात्रों के डेटा की जांच के दौरान डॉ. मनीष तक पहुंचने में सहायता मिली। पूछताछ के दौरान होटल के सीसीटीवी और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से उनकी पहचान की गई।









