Bihar Posting Scam: 25 लाख की रिश्वत मांगने वाला मास्टरमाइंड रिमांड पर

बिहार के मोतिहारी में प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की पदस्थापना को लेकर जारी अधिसूचना के आधार पर लाखों की रिश्वत मांगने के मामले में मास्टरमाइंड राजन जायसवाल को
बिहार के मोतिहारी में प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की पदस्थापना को लेकर जारी अधिसूचना के आधार पर लाखों की रिश्वत मांगने के मामले में मास्टरमाइंड राजन जायसवाल को पुलिस ने रिमांड पर लिया है। विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और मोतिहारी साइबर थाने की पुलिस ने राजन की निशानदेही पर राजधानी पटना और सिवान में जांच शुरू कर दी है। पुलिस का ध्यान इस मामले में फैले रिश्वतखोर तंत्र के पर्दाफाश पर है। 24 से 28 जुलाई तक राजन की रिमांड के दौरान पुलिस ने उससे गहन पूछताछ की, जिससे कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम उन स्थानों की जानकारी जुटा रही है जहां से अधिकारियों के स्थानांतरण के आदेश जारी किए जाते हैं। इस दौरान, राजन के कई बड़े कनेक्शन भी सामने आए हैं, जो उसकी गतिविधियों को और संदिग्ध बनाते हैं।
राजन जायसवाल के खिलाफ शिकायत तब दर्ज हुई जब मोतिहारी के अनुमंडल पदाधिकारी अरुण कुमार ने 19 जुलाई को साइबर थाने में आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि 12 जुलाई को उनकी पोस्टिंग की अधिसूचना जारी हुई थी, जिसके बाद राजन ने उनसे 25 लाख रुपये की मांग की। राजन ने उन्हें धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो उनका स्थानांतरण आदेश स्थगित हो जाएगा। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राजन को पटना के मोकामा से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे जेल भेजा गया, जहां से पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया और गहन पूछताछ की। इस दौरान राजन के सेलफोन से भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जो उसकी गतिविधियों को उजागर कर सकती हैं।
पुलिस अब इस मामले में और गहराई से जांच कर रही है। राजन के संबंध बिहार के कई बड़े अधिकारियों से होने की जानकारी मिली है, जिससे यह मामला और भी जटिल हो गया है। पुलिस की टीम पटना और सिवान में संदिग्ध ठिकानों की जांच कर रही है। इस मामले में अधिकारियों के बीच अटकलें तेज हो गई हैं, खासकर उन अधिकारियों के लिए जिनका राजन से कोई संबंध था। स्वर्ण प्रभात, पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में पुलिस की तत्परता और सक्रियता से यह स्पष्ट है कि बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।









