Security Changes in Bihar: बिहार के 11 प्रसिद्ध स्थलों की सुरक्षा में बड़ा बदलाव, अब BSAP संभालेगी कमान

बिहार के 11 प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने इन स्थलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी बिहार सैन्
बिहार के 11 प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने इन स्थलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी बिहार सैन्य पुलिस (BSAP) को सौंपने का निर्णय लिया है। गृह विभाग ने इस संबंध में नई अधिसूचना जारी की है, जिसके तहत महावीर मंदिर, विष्णुपद मंदिर, तख्त श्री हरिमंदिर साहिब और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर BSAP के जवान सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे। यह कदम धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा को और मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। BSAP को इन स्थलों की सुरक्षा का जिम्मा तत्काल प्रभाव से सौंपा गया है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था में तैनात हवलदार से ऊपर के अधिकारियों को विशेष अधिकार भी दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
BSAP जिन 11 स्थलों की सुरक्षा संभालेगी, उनमें बिहार की कई प्रसिद्ध धार्मिक जगहें शामिल हैं। इस निर्णय से सूबे के महत्वपूर्ण परिसरों की सुरक्षा पहले से कहीं अधिक मजबूत हो जाएगी। सीतामढ़ी का पुनौराधाम मंदिर, बगही धाम, वैशाली का बुद्ध अवशेष स्तूप, सोनपुर का हरिहरनाथ मंदिर, गया का विष्णुपद मंदिर और पटना का तख्त हरिमंदिर साहिब अब BSAP के अधीन होंगे। इसके अलावा, पटना जंक्शन स्थित प्रसिद्ध महावीर मंदिर परिसर की सुरक्षा भी पहले से अधिक कड़ी कर दी जाएगी। यह निर्णय उन स्थलों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं।
धार्मिक स्थलों के साथ-साथ राज्य की बहुमूल्य ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा का जिम्मा भी अब BSAP के जवानों के पास रहेगा। राजगीर का विश्व शांति स्तूप, नालंदा विश्वविद्यालय के प्राचीन खंडहर, भागलपुर में स्थित विक्रमशिला के अवशेष और सासाराम का शेरशाह सूरी मकबरा इस नई सूची में शामिल हैं। इन सभी स्थलों पर पर्यटन का भारी दबाव रहता है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता महसूस की गई। नई व्यवस्था के तहत सुरक्षा बलों की तैनाती, निगरानी और प्रबंधन को पहले से बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा। राज्य सरकार के इस फैसले से बिहार के प्रमुख धार्मिक केंद्रों और ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेगा।









