Bihar success stories: बिहार के इन कामों ने जीता PM मोदी का दिल, मिली राष्ट्रीय पहचान, बदली कई जिंदगियां

अजय पांडेय, मुजफ्फरपुर। बिहार की सफलता की कहानियों में एक नया अध्याय जुड़ गया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 फरवरी, 2021 को पश्चिम चंपारण के प्रमोद कुमार
अजय पांडेय, मुजफ्फरपुर। बिहार की सफलता की कहानियों में एक नया अध्याय जुड़ गया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 फरवरी, 2021 को पश्चिम चंपारण के प्रमोद कुमार का नाम अपनी मन की बात में लिया। प्रमोद ने एलईडी निर्माण के क्षेत्र में जो कार्य किए हैं, उन्हें वोकल फॉर लोकल के संदर्भ में सराहा गया। यह सराहना प्रमोद के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनी और आज उनका कारोबार बड़े स्तर पर फल-फूल रहा है। पिछले पांच वर्षों में उनकी आय डेढ़ गुना बढ़ गई है। प्रमोद, जो पहले दिल्ली में एक एलईडी बल्ब बनाने वाली कंपनी में कार्यरत थे, ने कोरोना काल के दौरान घर लौटकर अपने व्यवसाय की शुरुआत की। उन्होंने दिल्ली से पार्ट्स मंगाकर अपने घर पर ही बल्बों का असेंबल करना शुरू किया। उनकी गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धी कीमतों के कारण स्थानीय बाजारों में उनकी मांग तेजी से बढ़ी। प्रारंभिक दिनों में वह प्रतिदिन 800 से 900 बल्ब बनाते थे, जिससे उन्हें 35 से 40 हजार रुपये की मासिक आय होती थी। अब उनकी उत्पादन क्षमता बढ़कर 1300 से 1400 बल्ब प्रतिदिन हो गई है, जिससे उनकी मासिक आय 55 से 60 हजार रुपये तक पहुंच गई है। इसके साथ ही, उन्होंने स्थानीय युवाओं को भी रोजगार प्रदान किया है।
प्रमोद के अलावा, सीतामढ़ी के बाजपट्टी में स्थित सिंगल यूज प्लास्टिक प्रबंधन इकाई का 'वेस्ट टू वेल्थ' मॉडल भी प्रधानमंत्री मोदी को भा गया। 26 जुलाई, 2026 को मन की बात में इस पहल का उल्लेख करते हुए उन्होंने यहां मिठाइयां बांटने का अवसर दिया। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत एकल उपयोग प्लास्टिक अपशिष्ट से टेबल-बेंच बनाने की इस अभिनव पहल को लेकर जिलाधिकारी रिची पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री की सराहना स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी के क्षेत्र में किए जा रहे सामूहिक प्रयासों की राष्ट्रीय पहचान है। उन्होंने रुन्नीसैदपुर में दो यूनिटों में शीघ्र उत्पादन की बात कही और नानपुर में विकसित किए जा रहे इंडस्ट्रियल एरिया में भी एक यूनिट की स्थापना पर विचार किया जा रहा है।









