Bihar shines bright: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 60 के पार पहुंची

बगहा (पश्चिम चंपारण) से एक सुखद खबर आई है जो वन्यजीव प्रेमियों के लिए बेहद उत्साहवर्धक है। बिहार के इकलौते वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) में बाघों की संख्या मे
बगहा (पश्चिम चंपारण) से एक सुखद खबर आई है जो वन्यजीव प्रेमियों के लिए बेहद उत्साहवर्धक है। बिहार के इकलौते वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) में बाघों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। हाल ही में की गई गणना के अनुसार, यहां बाघों की संख्या 60 के पार पहुंच गई है। यह आंकड़ा कैमरा ट्रैप के माध्यम से प्राप्त किया गया है, जिसमें आठ से अधिक नन्हें शावकों की मौजूदगी भी दर्ज की गई है। वर्ष 2023 के सेंसस में वीटीआर के भीतर कुल 54 बाघों की मौजूदगी की पुष्टि की गई थी। इस साल के अंत में, 29 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर नए आंकड़ों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। पिछले एक साल में, बाघों के बीच आपसी वर्चस्व और रेस्क्यू की घटनाओं में आधा दर्जन बाघों को खोने के बावजूद, रिजर्व में बाघों की संख्या में लगातार इजाफा देखने को मिला है।
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व का क्षेत्रफल लगभग 900 वर्ग किलोमीटर है, जहां संरक्षण के बेहतर प्रयासों और अनुकूल माहौल के कारण बाघों की संख्या में वृद्धि हो रही है। जंगल के अंदर ग्रासलैंड का दायरा बढ़ाने से शाकाहारी और मांसाहारी जीवों को बेहतर आवास मिल रहा है। वन विभाग की टीमें जंगली जानवरों और उनके आवास की सुरक्षा के लिए दिन-रात गश्त कर रही हैं। विभाग के इन निरंतर प्रयासों से वीटीआर को बिहार टाइगर रिजर्व के रूप में नई पहचान मिल रही है। कैमरा ट्रैप की गणना में बाघों की संख्या में बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं, लेकिन उनकी सटीक संख्या का पता आने वाले दिनों में ही चलेगा। वन विभाग का उद्देश्य है कि जंगल के अंदर ग्रास लैंड एरिया बढ़ाकर जंगली जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।









