BJP removes youth leader: मणिका राणा ने कहा, पढ़ाई के कारण खुद हुई थी पदमुक्त

दिल्ली के जंतर-मंतर पर neet मुद्दे को लेकर हुए छात्र आंदोलन में भाग लेने के बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा (bjym) की नई टिहरी मंडल अध्यक्ष मणिका राणा को पद से हटाए
दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET मुद्दे को लेकर हुए छात्र आंदोलन में भाग लेने के बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) की नई टिहरी मंडल अध्यक्ष मणिका राणा को पद से हटाए जाने की खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही हैं। हालांकि, मणिका राणा ने इन दावों को गलत बताते हुए कहा है कि उन्हें आंदोलन में शामिल होने के कारण नहीं, बल्कि पहले से ही व्यक्तिगत कारणों से पदमुक्त किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें पार्टी से निष्कासित नहीं किया गया है, बल्कि वे संगठनात्मक जिम्मेदारी से मुक्त हुई हैं, जो कि जंतर-मंतर प्रोटेस्ट से बहुत पहले अप्रैल-मई महीने में हो चुका था। मणिका ने कहा कि वे छात्रों के समर्थन में जंतर-मंतर गई थीं और उन्होंने नीट पेपर लीक स्कैम और जान गंवाने वाले विद्यार्थियों की मांगों को लेकर प्रोटेस्ट में भाग लिया। उन्होंने कहा कि जब कोई बच्चा मेहनत करता है और फिर पेपर लीक होते हैं, तो उसका करियर दांव पर लग जाता है। यह हमारी विफलता है जब मजबूर होकर कोई बच्चा जान देता है। मणिका ने यह भी कहा कि आंदोलन में शामिल हुए विद्यार्थियों और अपने बच्चों को खो चुके माता-पिता को एक मंच मिला, जो कि एक बड़ी जीत है। उन्होंने शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में सुधार के लिए युवाओं को आगे आने की आवश्यकता बताई।
सोशल मीडिया पर चल रही निष्कासन की खबरों पर विराम लगाते हुए मणिका ने कहा कि वे अपनी व्यक्तिगत क्षमता पर जंतर-मंतर गई थीं और उत्तराखंड से आए अन्य लोगों के साथ उनका कोई समूह नहीं था। उन्होंने कहा, "जो खबर फैलाई जा रही है कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के कारण मुझे निष्कासित किया गया है, वह पूरी तरह झूठ है। मैं अपनी परीक्षाओं और पढ़ाई के सिलसिले में व्यस्त थी, जिस कारण अप्रैल-मई के महीने में ही मुझे पद से मुक्त किया गया था। यह निष्कासन नहीं था। मैं आज भी पार्टी में हूं, सिर्फ कुछ समय के लिए जिम्मेदारी से अलग हुई हूं और इस संबंध में पार्टी के वरिष्ठों से बातचीत चल रही है।" मणिका राणा का राजनीतिक सफर भी काफी दिलचस्प है।









