BJP's New Strategy Against PDA: सपा को घेरने के लिए बाबा साहेब, अहिल्याबाई और कल्याण सिंह का सहारा

उत्तर प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियाँ तेजी से बढ़ रही हैं, जहाँ भाजपा ने पीडीए के खिलाफ एक नई रणनीति तैयार की है। इस रणनीति के तहत भाजपा पिछड़े और अनुसूचित समाज
उत्तर प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियाँ तेजी से बढ़ रही हैं, जहाँ भाजपा ने पीडीए के खिलाफ एक नई रणनीति तैयार की है। इस रणनीति के तहत भाजपा पिछड़े और अनुसूचित समाज के महापुरुषों और श्रद्धेय नारियों के नाम का सहारा लेकर सपा को घेरने का प्रयास कर रही है। भाजपा का लक्ष्य है कि चार सितंबर को सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष सपा के पीडीए की पोल खोलने का संकल्प लिया जाए। इसके लिए पार्टी ने पूर्व मंत्री आजम खान के बाबा साहब पर दिए गए बयान की क्लिप भी चलाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, ओरैया में राजमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर बने महाविद्यालय का नाम बदलने का मुद्दा भी उठाया जाएगा। भाजपा का यह भी कहना है कि सपा ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पुण्यतिथि से दूरी बनाकर पिछड़ा विरोधी होने का प्रयास किया है। भाजपा ने इस रणनीति के तहत तीन बड़े कार्यक्रमों की योजना बनाई है, जिससे सपा के पीडीए की धार कुंद की जा सके।
भाजपा जानती है कि चुनावी मोड में रहते हुए नए नैरेटिव का निर्माण जीत-हार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा ने भाजपा के खिलाफ संविधान बदलने का नैरेटिव गढ़कर बड़ा नुकसान पहुंचाया था। इस बार भाजपा ने ओबीसी और दलित वोटों को अपने पक्ष में करने के लिए सपा के खिलाफ एक ठोस रणनीति बनाई है। 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने योगी मंत्रिमंडल में पिछड़ों और दलितों को वरीयता दी है, साथ ही प्रदेश और क्षेत्रीय संगठन में भी उन्हें अधिक हिस्सेदारी दी गई है। भाजपा की योजना है कि चुनाव तक सपा की हर तरफ से घेरेबंदी की जाए और यह नैरेटिव तैयार किया जाए कि सपा ने बाबा साहब, अहिल्याबाई होल्कर और कल्याण सिंह का अपमान किया है।









