BJP's Unique Approach in UP: ऑनलाइन परीक्षा में देश में पाया पहला स्थान, दूसरे नंबर पर एमपी

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) केवल चुनावी अभियानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने कार्यकर्ताओं की पार्टी के इतिहास और कार्यसंस्कृति की समझ को
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) केवल चुनावी अभियानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने कार्यकर्ताओं की पार्टी के इतिहास और कार्यसंस्कृति की समझ को भी परखती है। हाल ही में, भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं के लिए एक ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन किया, जिसमें उन्हें संघ और भाजपा के विकास, उपलब्धियों, राज्यों में चुनावी उतार-चढ़ाव और गठबंधन के इतिहास से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देना था। इस परीक्षा में उत्तर प्रदेश ने 90 प्रतिशत पास प्रतिशत के साथ सभी राज्यों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया। यह परीक्षा सरल एप के माध्यम से आयोजित की गई थी, और इस प्रक्रिया के तहत कार्यकर्ताओं को डिजिटल सर्टिफिकेट भी प्रदान किए गए, जिन्हें आगामी चुनावों में उनकी क्षमताओं के मूल्यांकन के लिए उपयोग किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए, भाजपा ने माइक्रोमैनेजमेंट पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। पार्टी का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है, ताकि वे चुनावी रणनीतियों में बेहतर योगदान दे सकें। प्रारंभ में, इस डिजिटल लर्निंग प्लेटफार्म पर परीक्षा 23 जून से शुरू होने वाली थी, लेकिन प्रदेश कार्यकारिणी और क्षेत्रीय अध्यक्षों की घोषणा के बाद इसे टाल दिया गया। इसके बाद, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के लखनऊ दौरे के दौरान संगठन की व्यस्तता के कारण परीक्षा का कार्यक्रम पुनर्निर्धारित किया गया।
डिजिटल लर्निंग के प्रभारी एवं प्रदेश महामंत्री शंकर लाल लोधी ने बताया कि 6 से 28 जुलाई के बीच यूपी में 5.34 लाख यूजरों में से 4.82 लाख यानी 90 प्रतिशत ने कोर्स पूरा कर लिया। इस परीक्षा में सभी छह मोर्चों के पदाधिकारियों ने भी भाग लिया। प्रदेश के कार्यकर्ताओं ने अपनी पार्टी की कार्यसंस्कृति और फिलास्फी को समझने में बेहतर जागरूकता दिखाई है। मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर रहा, जहां 2.44 लाख में से 2.20 लाख ने कोर्स पूरा किया। गुजरात तीसरे स्थान पर रहा, जहां 1.72 लाख यूजरों में से 88 प्रतिशत ने लक्ष्य हासिल किया। राजस्थान और बिहार में 80 प्रतिशत, जबकि उत्तराखंड में केवल 69 प्रतिशत भाजपाइयों ने कोर्स पूरा किया। छत्तीसगढ़, बंगाल, महाराष्ट्र और आसाम ने भी इस परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया।









