Boost for Plywood Industry in UP: यूपी में प्लाईवुड-लकड़ी उद्योग को मिलेगा बढ़ावा, जल्द आएगी नई एग्रो फॉरेस्ट्री नीति

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्लाईवुड और लकड़ी उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई एग्रो फॉरेस्ट्री नीति लाने की योजना बनाई है। इस नीति का उद
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्लाईवुड और लकड़ी उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई एग्रो फॉरेस्ट्री नीति लाने की योजना बनाई है। इस नीति का उद्देश्य उद्योगों की स्थापना को सरल बनाना है। नई नीति के अंतर्गत लाइसेंस, अनुमोदन और अन्य प्रक्रियाओं को आसान बनाया जाएगा, जिससे निवेशकों को लाभ होगा। वन विभाग इस नीति को पर्यावरण और औद्योगिक विकास विभाग के सहयोग से तैयार करेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही, दूसरे राज्यों के प्लाईवुड और काष्ठ उद्योगों से जुड़े निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। नीति के निर्माण में प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, उपलब्ध आधारभूत संरचना, सरल अनुमोदन प्रणाली और निवेश की संभावनाओं को ध्यान में रखा जाएगा।
सरकार का उद्देश्य प्लाईवुड और एग्रो फॉरेस्ट्री उद्योग के लिए एक प्रतिस्पर्धी और भविष्य उन्मुख पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है। इसके लिए पड़ोसी राज्यों की नीतियों का अध्ययन किया जा रहा है। प्लाईवुड फेडरेशन और उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न चरणों में विचार-विमर्श किया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नीति व्यावहारिक और दीर्घकालिक हो। इस प्रक्रिया में उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी को सुनिश्चित किया जाएगा। लाइसेंस, वन नियमों, प्रदूषण मानकों, एनओसी और दंडात्मक प्रावधानों से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए एक उद्योग-अनुकूल व्यवस्था विकसित की जाएगी।
सरकार का मुख्य लक्ष्य ईज आफ डूइंग बिजनेस को और बेहतर बनाना है, ताकि निवेशकों के लिए अनुकूल औद्योगिक माहौल तैयार किया जा सके। विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना का विकास भी इस नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। इस नई नीति के माध्यम से उत्तर प्रदेश में प्लाईवुड और लकड़ी उद्योग को एक नई दिशा मिलेगी, जो न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगी। सरकार का यह कदम उद्योगों के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है।









