Bribery Case in Fatehpur: रिश्वत लेते वरिष्ठ लेखा परीक्षक गिरफ्तार, 1.80 लाख मांगकर 20 हजार किए थे कम

फतेहपुर जिले में बुदवन इंटर कॉलेज की ऑडिट रिपोर्ट लगाने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के एक वरिष्ठ लेखा परीक्षक को एंटी कर
फतेहपुर जिले में बुदवन इंटर कॉलेज की ऑडिट रिपोर्ट लगाने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के एक वरिष्ठ लेखा परीक्षक को एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार किया है। कॉलेज प्रबंधन ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने पहले 1.80 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, लेकिन बाद में इसे घटाकर 1.60 लाख रुपये करने की बात कही गई। इस मामले में कॉलेज के प्रबंधन ने एंटी करप्शन टीम के पास शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने बताया कि आरोपी लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था। इस मामले में शिकायत के साथ रिश्वत मांगने से संबंधित ऑडियो क्लिप भी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत की गई थी। इसके बाद एंटी करप्शन टीम ने प्रारंभिक जांच की और आरोप सही पाए जाने पर आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
बुदवन इंटर कॉलेज के प्रबंधन ने बताया कि कॉलेज की कुछ भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई थी, जिसके एवज में वर्ष 2020-21 में कॉलेज को लगभग 1.09 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला था। इसी धनराशि का उपयोग कर कॉलेज परिसर में नए कक्षों का निर्माण और मरम्मत कराई गई थी। लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान, वरिष्ठ लेखा परीक्षक ने ऑडिट रिपोर्ट लगाने के लिए रिश्वत मांगना शुरू कर दिया। कॉलेज प्रबंधन ने इस मामले में एंटी करप्शन टीम से मदद मांगी, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने का निर्णय लिया।
23 जुलाई को एंटी करप्शन के मंडलीय थाने प्रयागराज में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के बाद एंटी करप्शन टीम ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए योजना बनाई। टीम ने आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोतवाली से प्रयागराज ले जाया गया, जहां कोतवाल हेमंत मिश्रा ने बताया कि आरोपी को एंटी करप्शन टीम के सुपुर्द कर दिया गया है। अब आरोपी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा। इस मामले ने एक बार फिर से सरकारी अधिकारियों के भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता को उजागर किया है।









